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प्राइवेट पार्ट में पुरानी से पुरानी और भयंकर से भयंकर चर्म रोग दाद (फंगल) खाज, दाने वाली सूखी खुजली को जड़ से मिटाने की आयुर्वेदिक दवा क्रीम से इलाज बताइए (purani se purani daad,khaj, khujli ki ayurvedic dawa bataie)

 अगर आप अपने फंगल इन्फेक्शन को आयुर्वेदिक दवाओं के द्वारा ठीक करना चाहते हैं तो फंगल इन्फेक्शन जैसी समस्या को आयुर्वेदिक दवाओं से ठीक होने में कुछ दिनों का समय  लग सकता हैै। लेकिन वह जड़ से खत्म हो जाता है।

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 क्योंकि यह इस बात पर भी निर्भर करता है की दाद कितना पुराना है 2 साल पुराना दाद  5 साल पुराना दाद और कभी-कभी तो लोगो में 10 साल पुराना दाद भी देखने को मिलता है। और इससे भी बड़ी हैरानी  तब होती है जब सुनने में मिलता है कि किसी व्यक्ति को 15 साल पुरानी दाद की समस्या है कयोंकि पुराना दाद गलत उपचार के कारण भयंकर रुप धारण कर लेता है। और सामान्य दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेता है। इसलिए, बहुत सी दवाई लेने के बाद भी दाद जल्दी से ठीक नहीं होता। पर हमारा  यह उद्देश्य नहीं कि दाद कितना पुराना है और कितना भयंकर है हमारा उद्देश्य यह है कि दाद को ठीक कैसे किया जाए चाहेेेे वह कितना भी पुराना हो 

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आयुर्वेदिक दवाएं धीरे धीरे से असर करती है  बहुत सी आयुर्वेदिक  दवाई है जो फंगल इंफेक्शशन  को ठीक करने का काम करती है मगर बहुत सी आयुर्वेदिक दवाओं की जानकारी सभी को नहीं होती। या फिर उन्हें सही ढंग से यूज़ करना नहीं जानते 

दाद खाज खुजली की दवा क्रीम (ringworm treatment in hindi)

आयुर्वेद में भी बहुत अच्छी-अच्छी दवाई हैं जो पुराने से पुराने दाद(दिनाय), खाज, खुजली को जड़ से खत्म कर देती है और रोगी को बहुत जल्दी ठीक कर देती हैं  बिना किसी साइड इफेक्ट के। 

कयोंकि अंग्रेजी दवाओं के बहुत ज्यादा साइड इफेक्ट होते हैं और हमारी स्किन को नुकसान भी पहुंचा सकती है। फंगल संक्रमण अधिकतर जांघों के बीच मेंं होता हैै और इसलिए प्राइवेट पार्ट में इचिंग होती है।और कभी-कभी तो फंगल इन्फेक्शन गुदाद्वार  तक फेल जाता है जिसके कारण गुुुदाद्वार के आसपास व गुदाद्वार में खुजली होना शुरू हो जाता है। गुदाद्वार में खुजली का इलाज करना जरूरी है प्राइवेट पार्ट में कोई क्रीम कभी-कभी नुकसान दे जाती है पर ऐसा हर किसी के साथ नहीं होता और सभी अंग्रेजी दवा  भी नुकसान नहीं पहुंचाती हैं ऐसे में आयुर्वेदिक दवाओं का फंगल इंफेक्शन के इलाज में चयन करना एक अच्छा निर्णय साबित हो सकता है 

 मगर आयुर्वेदिक दवाओं से  समय थोड़ा ज्यादा लगता है और अंग्रेजी दवाओं से बहुत कम समय लगता है किसी भी रोग को ठीक करने में। 

इस पोस्ट में हमने इन सभी टॉपिक को लिखा है

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इलाज से पहले दाद क्या है जान लेते है।

 दाद क्या है हिंदी में (Ringworm in hindi)

दाद एक चर्म रोग है।दाद कई नामों से जाना जाता है। दाद को टीनिया या डर्माटोफाइटिस भी कहा जाताा है और दाद को कभी-कभी दिनाय भी कहा जाता है। फंगल इन्फेक्शन एक संक्रामक बीमारी है मतलब कि एक चर्म रोग जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को आसानी से लग सकता है किसी को भी दाद हो सकता है। कवक जो इस संक्रमण का कारण बनता है, वह त्वचा, सतहों और कपड़ों, तौलियों और बिस्तर जैसी घरेलू वस्तुओं पर रह सकता है।

दाद कितने प्रकार के होते है (type of ringworm in hindi)

विभिन्न प्रकार के दाद को आमतौर पर शरीर पर संक्रमण के स्थान के लिए नामित किया जाता है। उदाहरण के लिए, पैरों पर दाद को "एथलीट फुट" भी कहा जाता है। 

दाद से प्रभावित होने वाले शरीर के क्षेत्रों में शामिल हैं:

पैर (टिनिया पेडिस, जिसे आमतौर पर "एथलीट फुट" कहा जाता है)

ग्रोइन, आंतरिक जांघ या नितंब (टिनिआ क्रूसिस, जिसे आमतौर पर "जॉक इट" कहा जाता है)

स्कैल्प (टिनिआ कैपिटिस)

दाढ़ी (टीनिया बार्बे)

Toenails या नाखूनों (टिनिअ यूनीजियम, जिसे "ओनिकोमाइकोसिस" भी कहा जाता है) 

शरीर के अन्य अंग जैसे हाथ या पैर (टीनिया कॉर्पोरिस)

कवक की लगभग 40 विभिन्न प्रजातियां दाद का कारण बन सकती हैं; कवक के प्रकारों के लिए वैज्ञानिक नाम जो दाद का कारण बनते हैं, वे हैं  टाइकोफाइटन, माइक्रोस्पोरम और एपिडर्मोफाइटन दाद शरीर के लगभग किसी भी हिस्से पर और साथ ही नाखूनों और पैर की उंगलियों पर त्वचा को प्रभावित कर सकता है। दाद के लक्षण अक्सर इस बात पर निर्भर करते हैं कि शरीर का कौन सा हिस्सा संक्रमित है,

दाद के लक्षण हिंदी में (Ringworm symptoms in hindi)

यह एक गोलाकार दाने (अंगूठी के आकार का) हो सकता है जो आमतौर पर लाल और खुजली वाला होता। जब मनुष्य में दाद की बीमारी होती है तो उसे उस स्थान पर खुजली भी होती है
त्वचा में खुजली
अँगूठी के आकार का दाने
लाल, पपड़ीदार, फटी त्वचा
बाल झड़ना
आम तौर पर लक्षण 4 से 14 दिनों के बीच दिखाई देते हैं जब त्वचा दाद के कारण फंगस के संपर्क में आती है।
पैर (टिनिया पेडिस या "एथलीट फुट"): पैरों पर दाद के लक्षणों में लाल, सूजन, छीलने, पैर की उंगलियों के बीच खुजली वाली त्वचा (विशेष रूप से पैर की अंगुली और उसके बगल में) शामिल हैं। पैर और एड़ी भी प्रभावित हो सकती है। गंभीर मामलों में, पैरों की त्वचा पर छाले पड़ सकते हैं।चर्म रोग की होम्योपैथिक दवा

स्कैल्प (टिनिआ कैपिटिस): खोपड़ी पर दाद आमतौर पर एक पपड़ीदार, खुजलीदार, लाल, गोलाकार गंजा स्पॉट जैसा दिखता है। गंजा स्पॉट आकार में बढ़ सकता है और यदि संक्रमण फैलता है तो कई स्पॉट विकसित हो सकते हैं। वयस्कों की तुलना में बच्चों में खोपड़ी पर दाद अधिक आम है।पपीते से दाद का इलाज

ग्रोइन (टिनिया क्रोसिस या "जॉक इटच"): कमर पर दाद दिखने लगता है, जो आमतौर पर जांघ की त्वचा की सिलवटों के अंदरूनी किनारों पर होता है।

दाढ़ी (टिनिअ बार्बे): दाढ़ी पर दाद के लक्षणों में पपड़ी, खुजली, गालों पर लाल धब्बे, ठोड़ी और ऊपरी गर्दन शामिल हैं। 

दाद होने के मुख्य कारण क्या है (Ringworm causes in hindi)

दाद होना एक साधारण सी बात है और जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उन्हें अक्सर दाद हो जाता है प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना इसका मुख्य कारण। मगर कुछ लोगों को यह दाद अर्थात फंगल इन्फेक्शन उन्हें बार-बार हो जाता है या फिर ऐसा भी हो सकता है कि वह लोग ऐसा काम करते हैं। जिससे उन्हें यह परेशानी होती रहती है  

अब वह काम कुछ भी हो सकता है यह उनके रहन-सहन और प्रकृति पर निर्भर करता है 

अपने शरीर की अच्छे से साफ सफाई ना रखना एक मुख्य कारण है जिसके कारण बहुत ज्यादा फंगल इन्फेक्शन देखने को मिलता है तुलसी से दाद का इलाज

हैं दाद खाज का मुख्य  कारण ज्यादा गर्मी में रहना साफ सफाई का ध्यान न रखना हो सकता है दूसरे लोगों के कपड़े यूज़ करना भी एक मुख्य कारण है 

क्योंकि आमतौर पर कभी-कभी जब कोई किसी दूसरे के कपड़े यूज करता है तो हो सकता है कि उसमें पहले से फंगल इंफेक्शन हो और वह कपड़ा यूज़ करने पर व्यक्ति को भी फंगल हो सकता है इसलिए सावधानी रखने से फंगल इंफेक्शन से बचा जा सकता है 

 जो लोग अधिक मात्रा में एंटीबायोटिक्स लेते हैं, ऐसे व्यक्ति  विशेष रूप से संक्रमण के जोखिम में हो सकते हैं और दाद  संक्रमण से लड़ने में समस्या हो सकती है।

जो लोग सार्वजनिक स्नान  करते हैं, जो खेल जैसे दौड, कुश्ती में शामिल होते है, व जो लोग तंग जूते पहनते हैं और उन्हें अत्यधिक पसीना आता है, और जिन लोगों का जानवरों के साथ घनिष्ठ संपर्क है, ऐसे लोग भी दाद के संपर्क में आ सकते  हैं। अधिकतर स्त्री और पुरुषों की जननांग में फंगल संक्रमण की समस्या रहती है

दाद का इलाज हिंदी में (ringworm treatment in hindi)

दाद का इलाज अच्छे से न किया जाए तो फंगल कि समस्या लंबे समय तक बनी रहती है और दाद व्यक्ति को काफी परेशान करता रहता है।

आज हम आपको बताते हैं कुछ आयुर्वेदिक दवा या घरेलू तरीके जिनसे आप अपने फंगल इन्फेक्शन की समस्या से जल्दी से और हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं।

 इसमें मुख्यता जब हम आयुर्वेदिक दाद की दवाई की बात करते हैं तो सबसे पहले हम नारियल का तेल, नीम का तेल एक बहुत अच्छे एंटीफंगल माने जाते हैं 
अगर देखा जाए तो आयुर्वेद में यह दो तेल ही फंगल इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए काफी मददगार होते हैं परंतु कभी-कभी फंगल इन्फेक्शन या दाद खाज इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि नीम का तेल और नारियल का तेल  ठीक नहीं कर पाते 
और हमें अंग्रेजी दवाओं या होम्योपैथिक दवाओं से दाद का उपचार करना पड़ता है 
तो चलिए देखते हैं कि नीम का तेल या नारियल का तेल या और भी आयुर्वेदिक औषधियों को किस तरह यूज करनी चाहिए ताकि हमारा फंगल इंफेक्शन ठीक हो जाए 

नारियल के तेल से दाद की दवा  

नारियल के तेल से दाद की दवा।दाद के लिए नारियल का तेल एक अच्छा विकल्प है नारियल का तेल खुजली से तुरंत राहत देता है नारियल के तेल को खाज खुजली फंगल इन्फेक्शन में एक रामबाण औषधि माना जाता है नारियल का तेल दाद खाज खुजली को जड़ से खत्म कर देता है। और दाद(Ringworm) को बहुत जल्दी ठीक कर देता है अगर इसे दिन में तीन से चार बार इफेक्टेड एरिया पर लगाया जाए तो फंगल इन्फेक्शन बहुत हद तक समाप्त हो जाता है फिर बात आती है कि अगर नारियल का तेल ही फंगल इन्फेक्शन को ठीक कर देता है, तो फिर ठीक क्यों नहीं होता

 इसका कारण है कि हमें नारियल का शुद्ध तेल नहीं मिल पाता और हम नकली  तेल का यूज करते हैं जो बहुत ज्यादा मिलावटी हो सकता है अगर नारियल का शुद्ध और अच्छा तेल यूज़ किया जाए तो वह दाद को बहुत जल्दी ठीक करता है और अगर इसमें थोड़ा कपूर मिलाकर लगाए जाए तो यह बहुत अच्छे परिणाम दे सकता है। आप चाहे तो दाद पर सरसों का तेल भी इस्तेमाल कर सकते है पर यह  इतना प्रभावी नहीं है यह खुजली को कम करने में जरूर मदद करता लेकिन पूर्ण रूप से फंगल को नष्ट नही करता।

नीम के तेल से दाद का इलाज

नीम के तेल से दाद का इलाज। इसमें कोई शक नहीं कि नीम एक बहुत ही अच्छा एंटी फंगल एंटी बैक्टीरियल और एंटी वायरल होता है और इसको सदियों से एलर्जी स्किन इन्फेक्शन में उपचार किया जाता है नीम का तेल अच्छी खुजली कि दवा (khujali ki dava) है। 

 नीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी जड़ तना फूल पत्ती सभी चीजों का उपयोग किया जाता है और स्किन इन्फेक्शन एलर्जी में नीम के तेल का प्रयोग किया जाता है

 नीम के तेल को अगर दाद खाज खुजली पर लगाया जाए तो यह इसको  को जड़ से समाप्त कर सकता है मगर इसकी भी वही शर्त है कि नीम का तेल शुद्ध हो तभी जाकर यह अपना काम करेगा। 

Vidhmaan ItchCoat Ayurvedic  antifungal Malam

 ItchCoat दाद की मेडिसिन क्रीम या मलहम इस मलहम का नाम बहुत ही कम लोगों ने सुना होगा ये    daad khaj khujli ka pakka ilaj है।लेकिन इसकी  जानकारी भी बहुत ही कम लोगों को है पुराना चर्म रोग का इलाज  इस मलहम के पास है । चर्म रोग या दाद खाज खुजली को ठीक करने के लिए एक  बढ़िया मलहम अमेजॉन और फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध जिन लोगों ने इसको  खरीदा उन्हें बहुत ही अच्छे रिजल्ट  देखने को मिले हैं दाद सहित सभी चर्म रोगों में लाभदायक है 

दाद की मेडिसिन क्रीम      

सेब के सिरके से दाद का इलाज

सेब का सिरका  में एंटीफंगल गुण होते  हैं जो दाद खाज को ठीक करने की क्षमता रखते हैं सेब का सिरका को यूज करने के लिए आपको सेब के सिरके को दाद खाज खुजली वाली जगह पर रुई से दिन में एक या दो बार लगाना होगा ऐसा करने पर आप को फंगल इंफेक्शन    में बहुत आराम होगा। सेब का सिरका आपको बाजार में या ऑनलाइन मार्केट से मिल जाएगा आप अपने पसंद के सबसे अच्छी कंपनी का सेब का सिरका इस्तेमाल कर सकते हैं

टी ट्री ऑयल से दाद का इलाज

Tea tree oil  का प्रयोग फंगल इन्फेक्शन के इलाज में किया जाता है  ट्री ऑयल को फंगल इन्फेक्शन पर लगाने से पहले इसे नारियल या जैतून के साथ मिलाया जाता है क्योंकि अगर इसे अकेला ही लगा जाए तो आपको जलन महसूस हो सकती है इसलिए इसे  नारियल के तेल साथ पहले मिक्स कर ले और दिन में दो से तीन बार अपने फंगल इन्फेक्शन वाली जगह पर लगाएं 

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हिमालय प्रोडक्ट रक्तशोधक होते हैं अर्थात यह रक्त को शुद्ध करते हैं और रक्त से अशुद्ध को हटाते हैं जिससे त्वचा विकार कम हो जाते हैं और चर्म रोग भी ठीक हो जाते हैं 

आस्था एंटी-फंगल आयुर्वेदिक क्रीम

खराब बैक्टीरिया का रक्त में पाया जाना फंगल संक्रमण को बढ़ावा देता है हिमालय के जो प्रोडक्ट एलर्जी खुुजली की दवा के लिए बनाए गए है वो  रक्त में से खराब बैक्टीरिया को नष्ट कर देते हैं जिससे त्वचा रोग होने की संभावना बहुत कम हो जाती है और फंगल संक्रमण का भी खतरा नहीं होता, क्योंकि जब हमारे शरीर में अच्छे बैक्टीरिया कम हो जाते हैं और खराब बैक्टीरिया ज्यादा होते हैं तो शरीर में फंगल संक्रमण होने का खतरा भी ज्यादा बढ़ जाता हैै।खराब बैक्टीरिया से फंगल संक्रमण की समस्या ही नहीं और भी कई परेशानियां उत्पन्न हो जाती हैं जैसे कि मुहासे, फोड़े-फुंसी यह सभी समस्याएं खराब बैक्टीरिया के उत्पन्न होने के कारण ही होती हैं इन समस्याओं के होने पर फंगल संक्रमण भी होना एक आम बात  है। 

हिमालय talekt एलर्जी खुुजली की दवा जिसमें नीम और हल्दी का उपयोग किया जाता है  नीम त्वचा विकारों को दूर करने में  पूरी दुनिया में मशहूर है हिमालय के इस प्रोडक्ट में हल्दी और नीम का उपयोग किया जाता है इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटी फंगल के गुण होते हैं जो त्वचा रोगों में विशेष रूप से लाभकारी होता है

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 himalaya antifungal cream  हिमालय एंटीसेप्टिक क्रीम एंटी फंगल क्रीम की तरह काम करती है  मुख्यता इसी क्रीम को हिमालय दाद की मेडिसिन क्रीम कहा जाता है। क्योंकि हिमालय एंटी फंगल क्रीम के नाम से कोई भी क्रीम नहीं आती यह क्रीम हिमालय एंटीसेप्टिक के नाम से आती है बहुत अच्छी, एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल, एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं

 हिमालय क्रीम के फायदे बहुत है इसका प्रयोग त्वचा पर होने वाली खुजली, दाद घाव, में इस्तेमाल कर सकते हैं, इसमें बादाम ,एलोवेरा ,नीम ,पांच पतियों वाला चेस्ट ट्री, का उपयोग किया जाता है यह सूखी खुजली में बहुत अच्छा आराम देेती है

दाद खाज खुजली में, हिमालय एंटीफंगल के रूप में पूर्ण रूप से तो नहीं मगर त्वचा(skin) विकारों को दूर करने
में सहायक कुछ प्रोडक्ट बनाता है

गेंदा के फुल दाद का इलाज

बहुत ही कम लोग जानते हैं कि गेंदा के फूल से भी दाद  को समाप्त किया जा सकता है गेंदे के फूल में एंटी बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं जो दाद खाज या फिर बैक्टीरिया के द्वारा होने वाली खुजली को समाप्त करने में बहुत अच्छे और कारगर साबित होते हैं अगर आप गेंदे के फूलों को पीसकर उनका पेस्ट बनाते हैं 

और उस पेस्ट को अपने दाद खाज वाली जगह पर कुछ समय के लिए एक या 2 घंटे के लिए लगाते हैं और उसे सूखने के बाद में फिर साफ कर लेते हैं तो इससे आपके इन्फेक्शन में बहुत आराम होगा और  आप इसे एक हफ्ते तक यूज कर सकते हैं

नींबू से दाद, खुजली का इलाज

नींबू से  दाद का इलाज कैसे करें इसके लिए एक या 2 नींबू लेकर उसका पहले रस निकाल ले फिर उसको दाद पर लगाएं नींबू का रस दाद पर लगाने से पहले  एक बात का ध्यान जरूर रखे रस लगाने से पहले दाद को खुजलाएं नहीं अगर रस को खुजलाने के बाद लगाया जाएगा तो इससे दाद में जलन होगी। प्राइवेट पार्ट में इसका इस्तेमाल ना करें। नींबू से खुजली का इलाज ना करें इससे खुजली और भी ज्यादा बढ़ सकती हैं 

लहसुन से दाद का उपचार

लहसुन से दाद खाज खुजली को कैसे ठीक करें,  लहसुन का प्रयोग भी आप एंटीफंगल के रूप में कर सकते हैं क्योंकि लहसुन में सल्फर पाया जाता है जो फंगल पर अटैक करता है और उसे मारता है लहसुन का प्रयोग कैसे करें लहसुन से दाद का उपचार करने के लिए आपको दो चार गोली लहसुन की अद कचरे पीसनी है और उसके बाद अपने फंगल इन्फेक्शन।आप इसी  लहसुन का पानी निकाल कर भी थोड़ी देर अपनी दाद खाज खुजली पर रगड़ सकते हैं।

 या फिर इन्हें कुछ चटनी की तरह पीसकर अपने फंगल इन्फेक्शन एरिया पर बांधे और एक-दो घंटे के लिए बंद ही रहने दें इस तरह आपको 6 से7 दिन करने पर आपको फंगल इन्फेक्शन में काफी आराम मिलेगा। ये तरीका केवल दाद के लिए है 

दाद होने पर क्या नहीं खाना चाहिए पढ़ें

एलोवेरा से दाद का इलाज

एलोवेरा से दाद का इलाज एलोवेरा एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है एक बहुत अच्छी आयुर्वेदिक औषधि है एलोवेरा दाद(Ringworm) में बहुत अच्छा काम करती है अगर आप दाद पर एलोवेरा यूज करते हैं तो आपको  बहुत अच्छा आराम होता है इसका एक सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह स्कीन में नमी बनाकर रखता  है और खुजली भी नहीं होती और दाद जल्दी से ठीक हो जाता है एलोवेरा(aloe vera) से आप  प्राकृतिक तरीके से दाद का इलाज कर सकते हैं आप इसे शरीर के किसी भी हिस्से पर लगा सकते हैं  इससे त्वचा को कोई हानि नहीं होती। अगर यह आपके पास प्राकृतिक रुप से उपलब्ध  नहीं है तो आप इसे बाजार से भी खरीद सकते हैं

कपूर से दाद खाज खुजली का इलाज( kapur se daad khaj khujli ka ilaj)

कपूर से दाद का इलाज कैसे करें ।कपूर  को नारियल के तेल में मिश्र करके त्वचा पर लगाने से दाद कि समस्या ठीक हो जाती हैं। एक और बात कपूर दो  प्रकार का होता है पूजा में उपयोग होने वाला कपूर ही प्रयोग करें 

इचवेल क्रीम (Itchvel cream) दाद की मेडिसिन क्रीम 

इचवेल क्रीम चर्म रोग की बेस्ट(best) आयुर्वेदिक क्रीम है इचवेल क्रीम जिसमें कई आयुर्वेदिक दवाएं हैं। जिसका फंगल इन्फेक्शन अच्छा असर होता है। जांघों के बीच में होने वाली दाद सूखी खुजली के लिए  इचवेल क्रीम अच्छी आयुर्वेदिक क्रीम है। कयोंकि ये आयुर्वेदिक है।
इचवेल क्रीम  में मिली दवाएं 
    नीम (neem) 3%

   मंजिष्ठा (manjistha) 2%,

   तुलसी(tulsi) 2%, 

  लहसुन (garlic) 2%,

   सुधा (sudha) 2%,

    निकंखर ( nikhar)2%,

   सत लोबन (satlob) 4%

    वेतसामल 8%

हमने आपको आयुर्वेदिक उपचार के बारे में आपको बताया वैसे तो आयुर्वेद में और भी बहुत सारी दवाई व नुस्खे हैं जो फंगल इन्फेक्शन अर्थात चर्म रोग को ठीक कर सकते हैं अन्य daad ki cream 

मुख्यतः इन्ही के द्वारा आपका फंगल इन्फेक्शन ठीक हो जाता है अगर आप इनके साथ - साथ खाने वाली थोड़ी बहुत दवा भी लेते हैं

पारसमणी आयुर्वेदिक मलहम का उपयोग

पारस मणि दाद की दवा एक प्राकृतिक और सुरक्षित आयुर्वेदिक  मलहम है।पारसमणी क्रीम के फायदे (parasmani cream benifits) यह फोड़े, फुंसी, दाद, खाज मुंहासों और जलन को शांत करता है सभी प्रकार की त्वचा(skin) के लिए उपयुक्त यह त्वचा के संक्रमण(infection) सूजन, दाग-धब्बों और अन्य त्वचा विकारों से लड़ने में मदद करता है आयुर्वेदिक दवा होने के कारण इसका कोई दुष्प्रभाव(side effects)  नहीं होता 

जालिम  लोशन और मलहम का उपयोग, फायदे नुकसान बताइए

जब बात दाद खाज खुजली की हो तो जालिम लोशन का नाम कोई कैसे भूल सकता है कुछ लोग इसे दाद का आखरी इलाज कहते हैं। क्योंकि इससे  जिद्दी दाद का इलाज किया जाता है। जालिम लोशन अपने नाम की ही तरह दाद के लिए जालिम होता है दाद खाज के लिए इसे बहुत पहले से यूज किया जाता है  यह आयुर्वेदिक होता है इसका सबसेे बड़ा नुकसान(side effects) यही है कि इसे दाद खाज खुजली पर इस्तेमाल करने पर बहुत जलन करता है लेकिन अच्छी बात यह है कि यह दाद को जड़ से ठीक करता है और दाद दोबारा नहीं होता अगर आप थोड़ी पीड़ा सहने की क्षमता रखते हैं तो आप जालिम लोशन को दाद के उपचार के रूप में चुन सकते हैं यह आपको लोशन और मलहम दोनों ही रूप में मिलता है। इसको लगाना भी बहुत आसान होता है इसको रुई की सहायता से दाद वाली जगह पर लगाया जाता है  

पतंजलि आयुर्वेदिक मेडिसिन फॉर फंगल इन्फेक्शन

कायाकल्प वटी और आरोग्य वटी पूरे शरीर में एलर्जी खुुजली की दवा।पंतजलि मेंं कई दवा हैै जिनमें कायाकल्प वटी और आरोग्य वटी एलर्जी खुुजली की मुख्य दवा है। अगर आपकेेेेे पूरे शरीर में खुजली रहती है तो पूरे शरीर पर क्रीम का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता  है लेकिन खानेेे वाली दवाई  आपके पूरेेेेे शरीर में काम करती है  कायाकल्प वटी में त्वचा रोगों से लड़ने, रक्त को शुद्ध करने की अद्भुत क्षमता होती है और त्वचा रोगों में विशेष रूप से लाभदायक है। इसमें नीम (neem) घनवटी और गिलोय घनवटी दोनों के गुण हैं ये पतंजलि चर्म रोग मेडिसिन है जो विभिन्न प्रकार के चर्म रोगों की पतंजलि में बेस्ट आयुर्वेदिक दवा मानी जाती है इसके साथ ही अगर आप पंतजलि कायाकल्प तेल का भी प्रयोग करते हैं तो दाद जल्दी ठीक हो जाता है अगर आपको हाथ या पैर की उंगलियों के बीच फंगल संक्रमण की समस्या है तो इस विडियो में इसका  इलाज बताया गया है।

ठंडी बर्फ से दाद का इलाज 

जाने क्या है दाद होने के सामान्य कारण और उससे बचने के उपाय

अगर बर्फ को खुजली वाली जगह पर थोड़ी देर के लिए रगड़ जाए या फिर थोड़ी देर रख दिया जाए तो उसमें खुजली बहुत कम हो जाती है इससे इंफेक्शन भी कम हो जाता है। अगर बर्फ नहीं है तो ठंडे पानी से भी काम चलाया जा सकता है। clotrimazole cream for ringworm

आगे हम दाद होने पर लोग जो गलती करते हैं उनके बारे में बात करेंगे   

भयंकर दाद  ठीक न होने  के कारण।

फंगल इंफेक्शन इतनी बड़ी समस्या नहीं जितना कि लोग इसे बना देते हैं अर्थात कहने का मतलब यह कि फंगल infection की समस्या होने पर लोग बहुत तरह-तरह के इलाज करते हैं और ऐसे ऐसे इलाज करते हैं जिससे फंगल इंफेक्शन ठीक हो ना तो बहुत दूर की बात जरा सा भी उसमें आराम नहीं मिलता और रोग बढ़ता ही चला जाता है परिणाम यह होता है कि बाद में बहुत पैसा खर्च करने के बाद और काफी समय के बाद रोग ठीक होता है 
दाद से हमेशा के लिए छुटकारा पांए

ऐसा होता क्यों है इसका क्या कारण है इसका मुख्य कारण है जानकारी ना होना क्योंकि जानकारी के अभाव में ही व्यक्ति ऐसा कर सकता है

 अगर सही समय पर सही जानकारी मिल जाए तब fungal infection की समस्या को बहुत जल्दी ठीक किया जा सकता है 

शुरुआती अवस्था में दाद भयंकर  नहीं होता लेकिन कुछ गलत उपचार के  कारण साधारण सा दाद भयंकर रूप धारण कर लेता है आगे ऐसे ही कुछ कारणों पर विचार करेंगे आखिर क्यों एक साधारण सा दिखनें वाला दाद इतना भयंकर हो जाता है कि ठीक होने का नाम ही नहीं लेता तो चलिए जानते हैं वह कौन सी बड़ी गलती करते हैं जिनसे फंगल इंफेक्शन ठीक नहीं हो पाता

ज्यादा स्टेरॉइड क्रीम का यूज

इसमें मुख्यता रोग के ठीक ना होने का जो सबसे बड़ा कारण है वह मुख्यतः एक स्टेरॉइड क्रीम का ज्यादा से ज्यादा यूज करना जिसके कारण फंगल इंफेक्शन ठीक हो कर भी ठीक नहीं होता

अधिक मात्रा में एसिड युक्त पदार्थों का युज करना

जैसे नींबू,इमली, सेलीसिलिक एसिड से दाद का इलाज करना । नींबू से दाद का इलाज करने के लिए  नींबू का रस दाद पर लगाया जाता है नींबू का रस अम्लीय होता है जिसमें साइट्रिक एसिड  पाया जाता है 

दाद खाज खुजली ठीक करने के उपाय बताएं


जो आपकी त्वचा में हल्की सी जलन करता  है असर तो बहुत कम होता है ऐसे ही सैलिलिक अम्ल होता यह सभी अम्ल होते है जो कम या ज्यादा  त्वचा को जलाने का काम करते हैं यह रोग को ठीक तो करते हैं मगर इनको लगाते समय बहुत ज्यादा जलन होती है

हो सकता है कि इनसे आपका दाद पूरी तरह जड़ से खत्म हो जाए  मगर यह पूर्णतया एंटीफंगल नहीं होती क्योंकि एसिड को लगाने से वहां पर की त्वचा जल जाती है इसलिए वहां पर पाए जाने वाले कीटाणु अर्थात  फंगस भी नष्ट हो जाते हैं 

और कुछ दिनों बाद लगता है कि हमें हमारी त्वचा ठीक हो गई है और एसिड हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचाता है यह लोग और भी न जाने ऐसे कौन कौन से तरीके करते हैं जिनसे फंगल इन्फेक्शन को ठीक करने के बजाय और अपनी समस्या को बढ़ाते रहते है। इसलिए एसिड युक्त ऐसी क्रीम, तेल को सोच समझकर ही प्रयोग करें

दाद को ठीक करने में कच्चे पपीते के दूध का प्रयोग

कच्चे पपीते का दूध जी हां कच्चे पपीते का दूध लोग अपने दाद खाज को ठीक करने के लिए यूज करते हैं मगर आपको एक बात यहां पर जान लेनी चाहिए कच्चे पपीते का दूध एंटीफंगल होता है कुछ हद तक मगर यह दाद खाज में लगाने पर बहुत ज्यादा जलन करता है और बहुत कष्टदायक होता है 
कच्चे पपीते से दाद का इलाज

इसलिए अगर आप फंगल इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए इस तरह के तरीकों को अपनाते हैं तो हो सकता है कि आपका फंगल इंफेक्शन ठीक हो जाए मगर इनसे आपको जलन और पीड़ा बहुत ज्यादा होती है 

हो सके तो इन्हें अंतिम विकल्प के रूप में देखें कहने का मतलब कि जब आपका फंगल इन्फेक्शन बिल्कुल भी ठीक ना हो रहा हो तब आप इस तरह का उपचार चुन सकते हैं क्योंकि ये आपकी त्वचा को बहुत कष्ट देता हैं

दाद होने पर भी खाने में परहेज न करना

दाद होने पर कुछ लोग अपने खान-पान पर ध्यान नहीं देते जिसके कारण दाद ठीक नहीं होता। दाद की समस्या skin से जुड़ी हुई समस्या होती है खाने  में क्या परहेज करें 

 आपको चाहिए कि इलाज के दौरान आप ज्यादा तले , चटपटे मिर्च मसाले वाले खाने से बचेें , क्योंकि इनका सेवन करने से फंगल इन्फेक्शन ज्यादा बढ़ जाती हैं

 अगर आप ज्यादा  जंक फूड खाते हैं तो समस्या को ठीक होने में काफी समस्या उत्पन्न होगी कहने का मतलब फंगल इन्फेक्शन देर से ठीक होंगी । और अगर जंक फूड का सेवन बंद ना किया जाए तो हो सकता है रोग ठीक ही ना हो। फिर चाहे  आप कितनी भी अच्छी दवाई कयों न ले-ले और कुछ भी आजमाइश क्यों न कर ले।  समस्या वही की वही बनी रह सकती है 

टुथपेस्ट  से दाद का उपचार करते है

टूथपेस्ट से दाद का उपचार करना यह भी एक गलत बात है टूथपेस्ट का प्रयोग दांतों की सफाई के लिए होता है ना कि फंगल इनफेक्शन को ठीक करने के लिए

हो सकता है कि किसी एक व्यक्ति का फंगल इंफेक्शन ठीक हो गया हो लेकिन यह फंगल इंफेक्शन को ठीक करने के लिए नहीं होता  यह बात आप सभी जानते हैं टूथपेस्ट का प्रयोग दातों की सफाई के लिए होता है टूथपेस्ट पर कहीं भी यह लिखा हुआ नहीं होता कि इसको दाद पर लगाने से आपका फंगल इंफेक्शन ठीक हो जाएगा 

बेस्ट दाद की अंग्रेजी दवा क्रीम

 दाद की समस्या  में पूछे जाने वाले  प्रश्न

best cream for ringworm in india कौन सी है

इंडिया में बहुत एंटी फंगल क्रीम है और कौन सी बेस्ट और कौन सी नहीं है इसका फैसला तब होता है जब वह दाद को ठीक कर देती है मेरे हिसाब से जो आपके दाद को ठीक कर दे वही आपके लिए बेस्ट क्रीम मानी जानी चाहिए

24 घंटे में खुजली से छुटकारा पाने का आयुर्वेदिक तरीका क्या है

24 घंटे में खुजली से छुटकारा पाने की आयुर्वेद में बहुत ही कम तरीके हैं मगर अंग्रेजी दवाओं में कुछ तरीके हैं जिससे 24 घंटे में खुजली से छुटकारा मिल जाता है इनमें कुछ एंटीहिस्टामाइन दवाइयां और stiroid क्रीम आती हैं जो 24 घंटे में खुजली से छुटकारा दिलाती हैं आयुर्वेद में 24 घंटे में खुजली से छुटकारा पाने के लिए नारियल का तेल बहुत अच्छा तेल है जो 24 घंटे में खुजली से छुटकारा पाने मैं बहुत मदद करता है अगर खुजली ज्यादा है तो 24 घंटे में इसे कई बार लगाना होता है  तब जाकर यह खुजली को ठीक करता है फंगल इन्फेक्शन का आयुर्वेदिक उपचार

भयंकर से भयंकर दाद खाज, खुजली की दवा क्या है

भयंकर से भयंकर दाद खाज की दवा क्या है तो  इस प्रश्न का सही  उत्तर होगा दवाई के साथ अच्छा और   परहेज वाला खाना चर्म रोग में परहेज  बहुत जरूरी है, क्योंकि अच्छी दवा खाने के साथ-साथ, अच्छा परहेज भी भोजन में जरूरी है तभी जाकर कोई दवा अच्छा परिणाम देती है । चर्म रोग में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं इसकी जानकारी  भी आपको  होनी चाहिए।  खासकर दाद, खाज जैसी बीमारियों में। आयुर्वेद मेंं भी भयंकर से भयंकर दाद, खाज को समाप्त करने की दवाई है मगर  संयम से और नियमित रूप से किसी चिकित्सक कि देखरेख में लेना होता है ऐसा इसलिए क्योंकि खुद दवा लेने से दवा की  सही  मात्रा का पता नहीं चल पाता ।

चर्म रोग किस विटामिन की कमी से होता है

चर्म रोग बहुत प्रकार के होते हैं उनमें दाद भी एक चर्म रोग है जो कि फंगस के कारण होता है लेकिन इसके अलावा  भी बहुत से चर्म रोग होते हैं जो किसी विटामिन की कमी से भी होते हैं और उनका पता भी नहीं चलता कि आखिर वह क्यों  हो जाते हैं इनसे बचने के लिए आपको चाहिए क्या, आप सही मात्रा में विटामिन का सेवन करें और ऐसे चर्म रोगों से अपने आप को बचाएं लेकिन वह कौन सा विटामिन  जिससे चर्म रोग होते हैं तो इसमें विटामिन B3 और B6 होता है जिसकी कमी से चर्म रोग होते हैं विटामिन B3 की कमी से पेलाग्रा या त्वचा  दाद होता है। विटामिन B3 मूंगफली, टमाटर, अनाज,  मांस, दुध, और हरी पत्तेदार सब्जियों में पाया जाता है।

दाद का पक्का इलाज कैसे करें

दाद का पक्का इलाज करने के लिए आप सबसे पहले  अच्छी दवाई और क्रीम का यूज़ करें जो मुख्यतः दाद  को ठीक करने के लिए बनाई गई हो और एक अच्छे डॉक्टर की सलाह से उपचार करें ऐसे  तेल या पाउडर से बचें जिनके बारे में आपको जानकारी ना हो। स्वच्छ कपड़े पहने और  खान-पान का विशेष ध्यान रखें। 

इनसे दाद के इलाज की क्या है सच्चाई

कोलगेट से दाद का इलाज कैसे करें

फिटकरी से दाद का इलाज कैसे करें

मदार के दूध से दाद का इलाज कैसे करें

लुलिफिन क्रीम के फायदे इन हिंदी जाने क्यों है दाद की बेस्ट क्रीम 

दाद की असली दवा कौन सी है
दवा को असली या नकली तब तक नहीं कहा जा सकता जब तक उससे हम यूज नहीं करते एक दवा किसी को आराम कर सकती है और किसी को नहीं

दाद की सबसे अच्छी दवा कौन सी है
दाद की सबसे अच्छी क्रीम कैंडिड क्रीम इच गार्ड क्रीम  रिंग गार्ड क्रीम है खाने वाली दवा में तो इट्राकोनाजोल बेस्ट दवा है

दाद में चावल खाना चाहिए या नही
बहुत कम मात्रा में

दाद में चाय पीना चाहिए या नहीं
अधिक मात्रा में चाय पीना नुकसानदेह हो सकता हैै

दाद किस प्रकार के रोगाणु द्वारा फैलता है
सूक्ष्म, बहुकोशिकीय, कवक के द्वारा
 
दाद किस विटामिन की कमी से होता है
विटामिन B3, B5, व B6 और A की कमी से होता हैं

फंगल इन्फेक्शन कितने दिन में ठीक होता है
कम से कम 1 सप्ताह का समय लेता है कभी-कभी इससे अधिक समय भी लगता है यह व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह अपना उपचार और परहेज कितने अच्छे तरीके से  करता मैं

मनुष्य में दाद की बीमारी किसके कारण होती है
फंगस के कारण।

भयंकर दाद खाज की दवा tablet कौन सी है। 
भयंकर दाद खाज की दवा tablet है कैंडी फोर्स 200mg व 100mg कैप्सूल, फ्लुकोनाज़ोल, इट्राकोनाजोल, सिट्राजिन, लिवोसिट्राजिन । ये अपनेेेेेेेे आप में बहुत अच्छी दवा मानी जाती है और इन्हेंं दाद का आखिरी इलाज माना जाता है

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