इट्राकोनाजोल दाद की दवा,कैंडीफोर्स दाद की नंबर वन दवा

 इट्राकोनाजोल एक एंटीफंगल दवा है जिसका उपयोग मुख्य रूप से कवक संक्रमण के उपचार में किया जाता है  इस दवा को कैसे उपयोग करना है और इसके क्या फायदे हैं और इसके सावधानी के बारे में हम आपको बताएंगे

फंगल इन्फेक्शन में इट्राकोनाजोल का लाभ


इट्राकोनाजोल का उपयोग लोग फंगल इंफेक्शन में करते हैं क्योंकि यह क्रीम के रूम में नहीं मिलती इस दवा का अधिकतर प्रयोग खाने में प्रयोग होने वाली दवाओं के रूप में क्या जाता है इसका उपयोग विभिन्न प्रकार के दाद संक्रमण के लिए किया जाता है जब शरीर में काफी जगह पर छोटे-छोटे दाग हो जाते हैं या फिर ऐसी जगह पर दाद हो जाते हैं जहां पर किसी क्रीम का प्रयोग नहीं किया जाता तो ऐसी स्थिति में इट्राकोनाजोल दवा का यूज़ किया जाता है जैसे अगर किसी व्यक्ति को मुंह में फंगल संक्रमण की समस्या है या फिर किसी फीमेल को योनि में फंगल इन्फेक्शन की समस्या है तो इस स्थिति में क्रीम का प्रयोग बार-बार नहीं किया जाता क्योंकि इन स्थानों पर करीम जादे टिक नहीं पाती और यहां पर क्रीम का प्रयोग किया भी नहीं जा सकता इसमें फंगल इन्फेक्शन को ठीक करना करीम से एक कठिन बात हो जाती है और इससे निपटने के लिए खाने वाली दवा का प्रयोग किया जाता है इट्राकोनाजोल एक ऐसी दवा दवा है जोक नाखूनों में आने वाले फंक्शन करो योनि में होने वाले फंगल संक्रमण और शरीर के विभिन्न भागों पर होने वाले फंगल संक्रमण को ठीक करता है


इट्राकोनाजोल कैसे काम करता है

इट्राकोनाजोल कवक की कोशिका भित्ति पर काम करता है अगर आपको पता होगा कि कवक की कोशिका भित्ति जटिल काइटिन की बनी होती है जो कि जटिल शर्करा की बनी होती है इट्राकोनाजोल जब कोई व्यक्ति लेता है तो यह उसके शरीर में जाकर कोशिका भित्ति को नष्ट करने लगता है यह कोशिका भित्ति के मुख्य घटक एरगेस्ट्रोल को बनने से रोकता है जिसके कारण कवक की कोशिका भित्ति कमजोर पड़ने लगती है और वह आवश्यक खनिज लवणों का जमाव नहीं कर पाती जिसके कारण उस में जगह-जगह से छेद होने लग जाते हैं और इस कारण उसके अंदर से सभी पोषक तत्व बाहर निकल जाते हैं और धीरे-धीरे कवक की मृत्यु हो जाती है और दाद भी नष्ट हो जाता है

इट्राकोनाजोल का उपयोग

इट्राकोनाजोल टैबलेट 200mg और 100mg में आपको मेडिकल स्टोर से मिल जाएगी इस दवा को 2 से 3 सप्ताह तक लेना होता । कभी-कभी एक महीने तक भी इस दवा को लेना पड़ता है आप अपने नजदीकी डॉक्टर से इस बारे में और अधिक जानकारी ले सकते हैं और उनके द्वारा बताए गए निर्देश अनुसार इसका प्रयोग कर सकते हैं

इट्राकोनाजोल के दुष्प्रभाव

कुछ लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या इट्राकोनाजोल का प्रयोग करने पर कोई दुष्प्रभाव हो सकते हैं नहीं यह एक सुरक्षित और अच्छी दवा है और इसके आमतौर पर कोई साइड इफेक्ट नहीं देखने को मिलते लेकिन प्रकृति में भिन्न-भिन्न प्रकृति के लोग हैं और उनकी शरीर की किसी पदार्थ के प्रति अलग-अलग प्रतिक्रिया हो सकती है और इसी कारण कुछ व्यक्ति को किसी दवा से कभी-कभी साइड इफेक्ट हो जाते हैं लेकिन ऐसा बहुत ही कम होता है और अधिकतर यह लोगों पर बिल्कुल सुरक्षित दवाई मानी गई है और इसीलिए इसका बहुत ज्यादा प्रयोग किया जाता है
कुछ सामान्य साइड इफेक्ट है जैसे
उल्टी
जी मिचलाना
नींद आना
घबराहट होना

इस तरह के कुछ सामान्य साइड इफेक्ट आपको उस दवा का प्रयोग करने पर देखने को मिल सकते हैं

इट्राकोनाजोल का अल्टरनेटिव

अब हम itraconazole के अल्टरनेटिव के बारे में बात करेंगे इसका सबसे अच्छा अल्टरनेटिव candiforce 200mg व candiforce100mg है। कयोंकि इसमेंं भी itraconazole का ही उपयोग किया जाता है और candiforce  में भी। इसलिए आप इनमें से किसी का भी यूज कर सकते है।

मैनकाइंड कंपनी की ओर से आने वाली कैंडीफोर्स 200 के बारे में बताएंगे इस दवा को किस रोग में यूज किया जाता है और इसके लाभ साइड इफेक्ट और इसके खुराक कितनी लेनी है इसके बारे में जानेंगे कैंडी फोर्स 200 या कैंडीफोर्स 100 डॉक्टर की सलाह पर दी जाने वाली एक दवा है जिसकी नियमित खुराक नियमित समय के लिए रोगी को दी जाती है खुराक लेने की अवधि प्रत्येक रोगी के लिए अलग हो सकती है किसी व्यक्ति को रोग कितना गंभीर या फिर कितना कम या अधिक है इसके आधार पर डॉक्टर तय करता है कि व्यक्ति को कितने दिन और कितनी मात्रा में इस दवा को लेना है उम्र के आधार पर भी डॉक्टर यह तय करता है कि दवा की कितनी खुराक रोगी को देनी है

Candiforce 200 for ringworm benefits

कैंडीफोर्स 200 और कैंडीफोर्स 100 एमजी फंगल इंफेक्शन को ठीक करने के लिए दी जाने वाली दवा है यह दाद की नंबर वन दवा मानी जाती है। कैंडीफोर्स 200 एमजी कैप्सूल के रूप में आती है और कैंडी फोर्स कैप्सूल में इट्राकोनाजोल एंटीफंगल दवा का यूज किया जाता है इट्राकोनाजोल फंगल इंफेक्शन को जड़ से समाप्त करता है जब कोई व्यक्ति कुछ दिन के लिए कैंडी फोर्स कैप्सूल को रोज लेता है तो शरीर में जाने वाला इट्राकोनाजोल शरीर के अंदर किसी भी हिस्से में पाए जाने वाले कवक की कोशिका भित्ति को बाधित करता है और कवक की कोशिका भित्ति को बनने से रोकता है जिसके कारण कवक धीरे-धीरे नष्ट करने लगता है जिसके कारण रोग धीरे-धीरे ठीक होने लगता है और लगभग 1 से 2 सप्ताह के अंदर फंगल इंफेक्शन पूरी तरह से ठीक हो जाता है कुछ रोगियों के लिए यह समय सीमा 4 से 5 सप्ताह तक भी हो सकती है

how to use mankind Candiforce 200 

कैंडीफोर्स 200 एमजी कैप्सूल का उपयोग कैसे करें कैंडीफोर्स 200 का उपयोग करने से पहले आपको चाहिए कि आप अपने डॉक्टर से परामर्श ले और उन्हें सही सही अपने रोग के बारे में बताएं उसके बाद डॉक्टर के द्वारा बताई गई खुराक ले लेकिन अगर इसके बेसिक यूज करने का जो तरीका है वह यह है कि कैंडीफोर्स 200 एमजी कैप्सूल दिन में एक बार लेना होता है जबकि कैंडीफोर्स 100 एमजी कैप्सूल सुबह-शाम लेना होता है लेकिन अगर आप इसके साथ कोई और भी दवा खाना चाहते हैं, शरीर में किसी अन्य रोग के लिए तो इसके लिए पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें दवा लेने के दौरान दवा को नियमित समय पर ही ले इसे बिल्कुल भी बीच में ना छोड़े बीच में दवा छोड़ देने पर रोग ठीक नहीं होगा और दोबारा से फिर वापस आ जाएगा इस तरह अगर दवा का यूज किया जाए तो निश्चित ही इससे लाभ होता है

Candiforce 200 side effects

कैंडीफोर्स 200 के साइड इफेक्ट क्या है इसके साइड इफेक्ट बहुत ही सामान्य है अधिकतर मामलों में इसके परिणाम बहुत ही अच्छे रहे हैं कुछ रोगियों में इसके साइड इफेक्ट ना के बराबर मिले हैं कुछ व्यक्तियों में इसके कुछ सामान्य लक्षण देखने को मिल सकते हैं जैसे घबराहट होना, मन चिड़चिड़ा रहना, नींद ना आना, कुछ सामान्य लक्षण देखने को मिल सकते हैं लेकिन ऐसा जरूरी नहीं

कुछ सामान्य सवाल

कैंडीफोर्स 200 एमजी और 100 एमजी में क्या अंतर है

कैंडीफोर्स 200 एमजी और 100 एमजी दोनों ही एंटीफंगल है और दोनों में ही इट्राकोनाजोल दवा का यूज़ किया जाता है इनमें फर्क सिर्फ इतना है कैंडीफोर्स 200 एमजी कैंडीफोर्स 100mg सी थोड़ा ज्यादा प्रभावी होता है इसका कारण यह है कि जब किसी दवा की अधिक मात्रा एक साथ दी जाती है तो है थोड़ा ज्यादा प्रभावी होती है फंगल इन्फेक्शन अधिक होने पर कैंडीफोर्स 200 का यूज करना ज्यादा लाभदायक होता है

क्या कैंडीफोर्स 200 भयंकर दाद की टेबलेट है

कैंडीफोर्स 200 में पाए जाने वाला इट्राकोनाजोल भयंकर दाद को भी ठीक कर सकता है

क्या कैंडीफोर्स 200 दाद की सबसे अच्छी दवा है

हां कैंडीफोर्स दाद की बहुत अच्छी दवा है लेकिन सबसे अच्छी दवा नहीं कहा जा सकता क्योंकि दाद की और भी अच्छी अच्छी दवाई है जो कैंडीफोर्स के मुकाबले बहुत अच्छा परिणाम देती है लेकिन अन्य दवाओं की अपेक्षा कैंडीफोर्स बहुतायत मात्रा में यूज की जाती है

क्या कैंडी फोर्स लेने से खुजली समाप्त होगी

कैंडी फोर्स खुजली को कम नहीं करता कैंडी फोर्स एंटीफंगल होता है यह एंटी हिस्टामाइन नहीं है खुजली को कम करने के लिए इसके साथ आपको सिट्राजिन का भी प्रयोग करना होगा जो कि एंटी हिस्टामाइन होता है यह शरीर में होने वाली खुजली को कम करता है

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