दाद किस विटामिन की कमी से होता है।मनुष्य में दाद की बीमारी होती है क्यों?

 दाद किसकी कमी से होता है। मनुष्य में दाद की बीमारी क्यों होती है। दाद प्रतिरोधक क्षमता की कमी के वजह से होता है दाद के अलावा अन्य बीमारी भी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण होती है अगर किसी व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता बहुत मजबूत है तो उसे किसी भी प्रकार का रोग नहीं होता इसलिए आप एक बात को अच्छे से समझ लेंगे कि अगर आप की प्रतिरोधक क्षमता बहुत मजबूत है तो आप दाद बीमारी से  आप बिल्कुल बच  सकते हैं लेकिन आपको एक बात और समझ लेनी चाहिए कि जब किसी व्यक्ति को कोई रोग हो जाता है उस समय प्रतिरोधक क्षमता बहुत ज्यादा कम हो जाती है और उनको ठीक होने के लिए दवाओं का सहारा लेना पड़ता है आपको दाद में  प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कुछ उपाय करने है आपकी दाद की समस्या बहुत जल्दी ठीक हो जायेगी

मनुष्य में दाद की बीमारी किसके कारण होती है

इसका दूसरा कारण है ज्ञान की कमी क्योंकि अगर आपको किसी बीमारी के बारे में ज्ञान नहीं है तो आप किसी भी बीमारी के चपेट में आ सकते हैं फंगल इंफेक्शन भी कुछ ऐसी ही बीमारी है अगर आपको फंगल के बारे में ज्ञान नहीं है तो हो सकता है आप भी फंगल इंफेक्शन के संपर्क मैं आ सकते है कुछ उदाहरण के तौर पर गर्मियों के दिनों में अगर कोई व्यक्ति अधिकतर पसीने में रहता है और अपने शरीर की अच्छे से साफ सफाई नहीं करता तो ऐसे व्यक्ति फंगल इंफेक्शन के संपर्क में आ जाते हैं लेकिन अगर कोई व्यक्ति इस  बात को जानता है कि पसीने से दाद भी हो जाता है तो फिर वह किसी एंटीफंगल पाउडर का प्रयोग करके बच जाएगा और अगर इस बात का पता नहीं तो उसे दाद की बीमारी हो जाएगी,  इसलिए वह ज्ञान के कारण दाद होने से  बच जाएगा और  ऐसे व्यक्ति फंगल इंफेक्शन को होने से पहले ही रोक देंगे लेकिन ये तब होगा जब आपको उसका ज्ञान होगा कभी-कभी लोगों को शिकायत करते देखा है कि हम  शरीर की साफ सफाई भी रखते हैं फिर भी हमे दाद क्यों हो गया ऐसा क्यों, इसका कारण है ऐसे लोग शायद प्रोबायोटिक का सेवन नहीं करते जिसमें बहुत अच्छे जीवाणु पाए जाते हैं  और जो कैंडिडा अलबिकंस को नियन्त्रण में रखते है  यह भी ज्ञान की कमी के कारण होता है अगर पता हो कि बैक्टीरिया का शरीर में  क्या महत्व है और उनकी शरीर में पूर्ति अच्छी मात्रा में रहन से कैंडिडें एलबिकंस    नियन्त्रण में रहता है तो ऐसे व्यक्ति दाद से बच जाते  है इसलिए मुझे लगता है ज्ञान की कमी से भी दाद की बीमारी हो जाती है

दाद किस विटामिन की कमी से होता है

दाद कि बीमारी विटामिन की कमी से भी होती है अगर देखा जाए तो आपको सीधे-सीधे  इसका  पता नहीं लगता लेकिन अगर देखा जाए तो विटामिन की कमी से भी दाद होता है विटामिन B3 B5 और B6 की कमी से त्वचा दाद होता है जिसे पेलाग्रा भी बोला जाता है और दूसरा विटामिन है विटामिन ए विटामिन ए शरीर में प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखता है अगर शरीर में प्रतिरोधक क्षमता मैं कमी हो जाती है तो फिर व्यक्ति को दाद भी हो जाता है

दाद होने पर प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाए

दाद होने पर प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आपको सबसे पहले अपने खान-पान पर ध्यान देना होगा अगर आप अपने खान-पान पर ध्यान देते हैं  प्रतिरोधक क्षमता में बहुत ही ज्यादा बढ़ोतरी होगी आप अपने खानपान में सुधार करना होगा एक बात का आपको और यहां पर ध्यान देना होगा कि आप जो अपने खानपान में सुधार कर रहे हैं वह आप दाद की बीमारी से लड़ने में सुधार के लिए कर रहे हैं ना की किसी अन्य बीमारी मैं ऐसा करने से दाद के खिलाफ लड़ाई में आपका शरीर बहुत ही सक्षम हो जाएगा और इससे आपकी दाद की जो बीमारी है वह बहुत जल्दी ठीक होने लगेगी अगर आप बहुत ज्यादा बाजार में मिलने वाले खाने को खाते हैं तो कुछ दिनों के लिए उसको बंद कर दो और कोशिश करें कि घर से बनाया हुआ सादा भोजन  प्रयोग करे जहां तक हो सके खीरा इस्तेमाल करें लौकी का जूस पिए

निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहा जाए तो शरीर में प्रतिरोधक क्षमता, स्वच्छता और अच्छे बैक्टीरिया की कमी के कारण ही दाद होता है इसलिए आप इन तीनों चीजों को अपने दैनिक जीवन में ध्यान रखें और इनका पालन करने पर आप जीवन में कभी भी फंगल इनक्शन से ग्रसित नहीं होगें।

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