बवासीर में दही खाना चाहिए या नहीं, दही से बवासीर का इलाज

बवासीर में दही खाना चाहिए या नहीं और क्या दही से बवासीर का इलाज हो सकता है बवासीर एक ऐसी बीमारी अगर किसी को हो जाए तो जल्दी से पीछा नहीं छोड़ती जिन व्यक्ति को यह बीमारी होती है उन्हें बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है और वे इससे परेशान रहते हैं और जिन लोगों को बवासीर की बीमारी नहीं होती ऐसे  लोेग  कोई ज्यादा ध्यान भी नहीं देते हैं सोचते हैं कि उन्हें यह बीमारी नहीं हो सकती लेकिन बवासीर ऐसी बीमारी है जो किसी भी व्यक्ति को हो सकती है चाहे वह किसी भी उम्र का हो क्योंकि रोग  शक्ल या फिर किसी की उम्र नहीं देखता उसे जब होना होता है तब वह हो जाता है है और  बवासीर का इलाज बहुत जरूरी होता है नहीं तो लंबे समय तक शरीर में बनी रहती ह

बवासीर शरीर की ऐसी कंडीशन जिसमें व्यक्ति को मल त्याग करने में कठिनाई महसूस होती है और मल त्याग करते समय काफी दर्द और रक्त स्त्राव देखने को मिलता है इसमें गुदा का भाग भूल जाता है और वहां पर मस्से बन जाते हैं जिनसे खून निकलता रहता है बवासीर दो प्रकार की होती है बाहरी और भीतरी यदि आपको बवासीर है तो आपको मल त्याग  होने पर टॉयलेट पेपर पर या शौचालय में चमकदार लाल रक्त दिखाई दे सकता है। गुदा के आसपास कुछ खुजली, बेचैनी या दर्द हो सकता है। कभी-कभी एक ध्यान देने योग्य गांठ हो सकती है जो गुदा से बाहर निकलती है। बहुत से लोग बिना किसी लक्षण या बहुत हल्के लक्षणों का अनुभव करते हैं जो कुछ दिनों के बाद गायब हो जाते हैं। अन्य लोगों के लिए, बवासीर अधिक दर्दनाक होता है।जब आप मल त्याग करते हैं तो बवासीर में अक्सर थोड़ा सा खून बहता है

दही से बवासीर का इलाज कैसे करें 

दही आप इसे अपने खाने में शामिल जरूर करें इससे आपके पाचन में बहुत ज्यादा सुधार होगा और यह आपकी बवासीर को ठीक करने में बहुत ज्यादा लाभदायक सिद्ध होगा दही का सेवन करने से आपका खाना जल्दी पच जाता है और मल त्याग करने में भी बहुत आसानी होती है जिससे  पेट में कब्ज की समस्या समाप्त हो जाती है और धीरे-धीरे बवासीर ठीक होने लगता है इसके अलावा आयुर्वेदिक होम्योपैथिक, और एलोपैथिक, दवाइयां हैं जिससे बवासीर का इलाज बहुत अच्छे तरीके से कर सकते हैं इसके अलावा आप छाछ से भी बवासीर का इलाज कर सकते है अगर आपको दही पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाती तो आप इसकी जगह छाछ प्रयोग कर सकते हैं आप रोजाना चार से पांच गिलास पी सकते हैं दही और छाछ दोनों पाचन तंत्र को मजबूत करते है और बवासीर में लाभदायक होते है लेकिन इनके सेवन से कुछ समस्या भी हो सकती है। दही और छाछ जल्दी पच जाते है इस कारण शरीर में अधिक मात्रा में मूत्र बनने लगता है जिससे बार बार पेशाब करना पड़ता है बवासीर में अक्सर ऐसा भी होता है कि गुदा के आसपास या गुदाद्वार में  खुजली होती है जो दही और छाछ का सेवन करने से और भी ज्यादा बढ़ जाती है। दही कम खट्टी होती है जबकि छाछ दही से ज्यादा खट्टा होता है। और इसमें दही से ज्यादा लैक्टिक अम्ल व बैक्टीरिया होते है

बवासीर में चावल खाना चाहिए या नहीं

इसके लिए आयुर्वेदिक भी बहुत सारी दवा है आपने  टीवी में दवाई का ऐड भी देखा होगा वेद ऋषि का अर्शकल्प और दूसरा P6 यह दोनों ही दवाई आयुर्वेदिक है जो बवासीर का इलाज करने के लिए बनाई गई है इसलिए आप केवल दही से इसका इलाज ना करें और जो विशेषज्ञ हैं और जो इसकी मुख्य दवाइयां  बनाई गई हैं आप उनसे इलाज करें

दही से बवासीर का इलाज
                       

 दही से जुडे कुछ महत्वपूर्ण सवाल जवाब 

दाद में दही खाना चाहिए या नहीं

दाद में दही खाना चाहिए या नही। क्या आपने सोचा है कभी दही का क्या महत्व है दही फंगल इंफेक्शन को रोकने में बहुत कारगर होती है क्योंकि फंगल इन्फेक्शन शरीर में तब वृद्धि करता है जब शरीर मैं लाभदायक जीवाणु नष्ट होने लगते हैं  और हानिकारक बैक्टीरिया के कारण कैंडिडा अपनी वृद्धि बहुत तेजी से करता है 

जिसके कारण व्यक्ति के शरीर मे दाद की समस्या उत्पन्न हो जाती है और उसके प्राइवेट पार्ट में खुजली उत्पन्न हो जाती है दही का सेवन व्यक्ति को हमेशा करना चाहिए 

अगर उसे फंगल  की समस्या से बचना है  तो क्योंकि अगर वह अपने दैनिक जीवन में प्रोबायोटिक फूड का सेवन करता है तो उसे फंगल इन्फेक्शन जैसी समस्याएं बहुत ही कम होती हैं लेकिन यहां पर हम एक बात और बताना चाहेंगे फंगल इन्फेक्शन आपको तब भी हो सकता है जब आप प्रोबायोटिक फूड का सेवन करते हैं हम ऐसा क्यों कह रहे हैं हम ऐसा इसलिए  कह रह हैं क्योंकि यह मनुष्य की आहार नाल मे पाया जाता है

लेकिन फंगस की और भी प्रजातियां होती हैं जो दाद को फैला सकते हैं यहां पर इस बात को और अच्छे से समझाते हैं देखिए कवक की बहुत सारी प्रजाति होती है  जो दाद का कारण बन  सकते हैं इसलिए यह मान लेना बिल्कुल गलत है  कि जो व्यक्ति प्रोबायोटिक फूड का सेवन करता है उसे फंगल इन्फेक्शन नहीं होगा क्योंकि लैक्टोबेसिलस जीवाणु सिर्फ कैंडिडा अलबिकंस को रोकता है जबकि फंगस  माइक्रोस्पोरम, टाइकोफाइटन, से भी हो सकता है

 अधिकतर देखा गया है कि व्यक्ति में फंगल संक्रमण की समस्या अधिकतर तभी होती है जब उसके शरीर से अच्छे बैक्टीरिया की संख्या धीरे-धीरे कम होने लगती है कवक जिसे फंगस  भी कहा जाता है शरीर पर धीरे-धीरे अपनी पकड़ बना ले ताकि

है इसलिए व्यक्ति को प्रोबायोटिक फूड का सेवन जरूर करना चाहिए और इसके लिए सबसे बढ़िया और सस्ता घरेलू उपाय क्या है वह है दही में बहुत मात्रा में बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो प्रोबायोटिक्स का एक अच्छा स्रोत हैं कुछ लोग प्रोबायोटिक्स फूड रेडीमेड  इस्तेमाल करते हैं 

बाजार में बहुत प्रकार के प्रोडक्ट मिलते हैं दही के बाद जिस प्रोबायोटिक  का सबसे ज्यादा जिक्र आता है उसका नाम है केफिर । इंडिया में इसको बहुत ही कम लोग जानते हैं और बहुत ही कम यूज करते हैं दरअसल केफिर भी दही की तरह ही होता है  यह दही से कुछ थोड़ा ज्यादा खट्टा होता है 

और इसमें प्रोबायोटिक फूड बहुत ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं  प्रोबायोटिक फूड का मतलब इनमें बहुत मात्रा में बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो हमारे पाचन के लिए बहुत मददगार होते हैं 

इसलिए आपको  केफिर या दही जो भी मिले उसका इस्तेमाल जरूर करना चाहिए इससे आपके शरीर में कभी भी  अच्छे बैक्टीरिया की कमी नहीं होगी आपके अंदर अच्छे जीवाणुओं की संख्या हमेशा बनी रहेगी इससे फंगस नियंत्रण में  रहेंगे जिससे आप फंगल इंफेक्शन की समस्या से बहुत बचे रहेंगे 

 फंगल इन्फेक्शन में दही के फायदे 

दही के फायदे तो आपको इंटरनेट पर कहीं भी पढ़ने को मिल जाएंगे लेकिन हम आपको दही से संबंध जो सवाल पूछे जाते हैं उनके जवाब देने की कोशिश करेंगे जो आमतौर पर हर व्यक्ति को जानना चाहिए क्योंकि दही एक ऐसा पदार्थ है जो आपको हर जगह और हर घर में देखने को मिलता है और इसका सही से इस्तेमाल अगर आप नहीं जानते तो यह आपके लिए ठीक नहीं  इसलिए आपको दही के बारे में अच्छे से जानकारी होनी चाहिए

अगर आप दही के फायदे अच्छे से समझना चाहते हैं तो आप पहले यह समझ लीजिए कि दही दूध से बनता है दही और दूध में अंतर मात्रा यह होता है कि दुध,में जो लैक्टोज शर्करा पाई जाती है वह लैक्टोबैसिलस जीवाणु के द्वारा  लैक्टिक अम्ल में बदल दी जाती है

 जिसके कारण दूध खट्टा हो जाता है और वही दही कहलाता है लेकिन उस में पाए जाने वाले सभी पोषक तत्व मौजूद रहते हैं अगर आप जानते होंगे दूध में लगभग सभी प्रकार के खनिज लवण पाए जाते हैं

 सिर्फ विटामिन सी और आयरन को छोड़कर अगर उसके पोषक तत्वों की बात करें तो उसमें लगभग मैग्निशियम कैलशियम फास्फोरस इस तरह के सभी मुख्य तत्व उपस्थित होते हैं क्योंकि दूध में कैल्शियम ज्यादा मात्रा में होता है इसलिए  दही में  भी मौजूद रहता है अगर आप दही का सेवन करते हैं तो आपको यह सभी बेनिफिट्स मिल जाते हैं

 उन लोगों को मिलते हैं जिन्हें इसके नियम का पता होता है अर्थात इसके खाने का सही समय और किस चीज के साथ खाना चाहिए और किस चीज के साथ नहीं यह भी अगर पता हो तो दही से फायदा जरूर मिलता है 

 दही के फायदे सिर्फ फंगल इन्फेक्शन में नहीं और भी बीमारियों में बहुत हैं और किन बीमारियों में परहेज करना चाहिए और किन बीमारी में खाना चाहिए हम कुछ सवालों के माध्यम से आपको बताएंगे

शुगर में दही का सेवन कर सकते हैं या नहीं

शुगर में दही का सेवन बिलकुल किया जा सकता है इससे कोई हानि नहीं है क्योंकि शुगर का संबंध मीठे से अर्थात कार्बोहाइड्रेट से होता है जबकि दही में कार्बोहाइड्रेट नहीं पाया जाता क्योंकि उस में पाई जाने वाली लैक्टोज शर्करा लैक्टोबेसिलस जीवाणु के द्वारा लैक्टिक अम्ल में बदल दी जाती है इसलिए शुगर के मरीजों को दही का सेवन करने से कोई हानि नहीं होती

पथरी के मरीज दही का सेवन कर सकते हैं

पथरी के मरीजों को दही का सेवन करने से बचना चाहिए हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पथरी कैल्शियम ऑक्सलेट से बनता है और दही में भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है अगर आप अधिक मात्रा में कैल्शियम का सेवन करेंगे तो इससे आपकी पथरी कम नहीं होगी और आपके पथरी और बढ़ेगी इसलिए आपको देखकर सेवन नहीं करना चाहिए जब तक आप की पथरी ठीक ना हो

क्या हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को दही का सेवन करना चाहिए

जहां तक मुझे लगता है हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को दही का सेवन  नहीं करना चाहिए और करना भी चाहिए यह बात थोड़ी सुनकर आपको अजीब लगेगा लेकिन अगर आप इसे थोड़ा ठीक से समझेंगे तो

 आपको इसका उत्तर भी मिलेगा। देखिए दही का सेवन करना हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए हानिकारक इसलिए हो जाता है 

क्योंकि दही अगर खट्टा है तो आपके ब्लड प्रेशर को अर्थात रक्त प्रवाह को बढ़ा देता है क्योंकि जब शरीर में एसिड की मात्रा ज्यादा होती है तो हमारे खून में विपरीत प्रक्रिया शुरू होती हैं क्योंकि हमारा रक्त सारी होता है ना कि कमली है

 इसलिए जब आप अपने शरीर में अधिक मात्रा में अम्लीय पदार्थ की वृद्धि करते हैं तो उससे आपके शरीर में एक अलग ही प्रक्रिया शुरू हो जाती है जिसस पित्त का बढ़ना बोलते हैं अर्थात शरीर में गर्मी का बढ़ जाना यह हाई ब्लड प्रेशर के कारण ही होता है 

अब हम बताते हैं कि दही का सेवन करना लाभदायक कैसे हो सकता है अगर हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को दही का सेवन करना है तो उन्हें चाहिए कि दही को अधिक ना खाएं दही को मीठा ही खाएं दही मीठा खाने की कोशिश करें और दही को शक्कर या गुड़ के साथ ही खाएं नमक के साथ ना खाएं क्योंकि इससे दही में पाए जाने वाले अच्छे जीवाणुओं नष्ट हो जाते हैं

दही में कौन सा अम्ल और कौन सा बैक्टीरिया पाया जाता है

दही में लैक्टिक अम्ल पाया जाता है और इसमें पाए जाने वाले जीवाणु का नाम लैक्टोबैसिलस जीवाणु है

सुबह खाली पेट दही खाने के फायदे क्या है

अगर आप सुबह खाली पेट दही खाते हैं तो इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि यह जल्दी से पच जाता है इसे पचाने के लिए शरीर को बहुत कम  परिश्रम  करना पड़ता है क्योंकि यह बहुत ही मुलायम और पतला होता है लेकिन कोशिश करें दही ज्यादा खट्टा ना खाएं 

क्योंकि अगर ज्यादा खट्टा दही  आप खाली पेट सुबह में खाएंगे तो इससे एसिडिटी की समस्या हो सकती है ऐसा इसलिए क्योंकि आपके पेट में पहले से ही हाइड्रोक्लोरिक अम्ल उपस्थित होता है और ऊपर से आप ज्यादा खट्टा दही खाएंगे तो पेट में एसिडिटी बढ़ेगी जिससे आपको समस्या हो सकती है 

इसलिए कोशिश करें कि खाली पेट अगर आप दही खाते हैं तो थोड़ा खाएं और ज्यादा खट्टा ना खाएं

डेंगू के मरीज को दही सेवन करना चाहिए

डेंगू बुखार होना एक परजीवी कारण है और जिसका वाहक मच्छर होता है जो मादा एडिस एडजिपटी के कारण होता है इससे दही का कोई लेना देना नहीं होता आप दही का सेवन कर सकते हैं दही ज्यादा ठंडा ना खाएं क्योंकि डेंगू ज्वर में आपको शरीर अधिक गर्म रहता है और अगर आप अधिक ठंडी चीजों का सेवन करें तो आपके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होगा

टीवी के मरीज को दही खाना चाहिए या नहीं

जैसा कि हम शुरू से कह रहे हैं कि दही में अच्छे बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के पाचन के लिए बहुत जरूरी होते हैं और टीवी के मरीज एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करते हैं अर्थात टीवी की बीमारी एक बैक्टीरियल इनफेक्शन होती है जो कि जीवाणु के द्वारा होती है और जिसका इलाज लंबा चलता है

 इस दौरान लगातार एंटीबायोटिक दवाओं का प्रयोग करने से शरीर में अच्छे जीवाणु भी नष्ट होने लगते हैं इसके कारण शरीर में कैंडीडा की वृद्धि होने लगती है इसके लिए सबसे बढ़िया तरीका यह है कि जब भी आप किसी डॉक्टर से अपना इलाज  कराएं  उनसे एक बार पूछ ले क्या मैं दही का सेवन कर सकता हूँ ।

 अगर डॉक्टर इसके लिए मना करते हैं तो आपको दही का सेवन नहीं करना चाहिए  ज्यादातर मामलों में फंगस की बीमारी का यही एक कारण होता है कि शरीर से बैक्टीरिया का नष्ट हो जाना और कैंडिडा की वृद्धि जिससे व्यक्ति फंगल की चपेट में आसानी से आ जाते हैं

दही को चेहरे पर लगाने के फायदे क्या है

दही का पेस्ट अधिकतर चेहरे को तरोताजा और सुंदर रखने के लिए किया जाता है और यह बहुत आम बात है दही का मसाज करना चेहरे पर लेकिन अगर आप चेहरे को प्राकृतिक रूप से दही से सुंदर रखना चाहते हैं 

तो उसके लिए आपको कोशिश करनी चाहिए कि दही का सेवन किया जाए क्योंकि दही का सेवन करने से आपका पाचन ठीक से होगा और आपके अंदर कब्ज नहीं बनेगी आपके अंदर हानिकारक जीवाणु नहीं रहेंगे जो कि पिंपल एक्ने और इस तरह की समस्या का कारण बनते हैं

 आपने हिमालय एंटी फंगल का ऐड तो जरूर देखा होगा जिसमें कहा जाता है कि हिमालय फेस वॉश एंटीबैक्टीरियल जो आपके चेहरे से कील मुंहासे हटा देता है तो इसलिए आप दही का सेवन करें और अपने कील मुंहासे के समस्याओं से निजात पाएं

घुटनों के दर्द में दही खाना चाहिए या नहीं

घुटनों के दर्द में दही खाना चाहिए या नहीं इसके लिए यह चाहिए के व्यक्ति की उम्र क्या है क्योंकि व्यक्ति की उम्र उत्तर तय करती है कि उसे दही खाना चाहिए या नहीं खाना चाहिए घुटनों का दर्द का मुख्य कारण होता है  

उस में पाए जाने वाला सायनोवियल तरल पदार्थ आप इसे चिकनाई भी कह सकते हैं कि घुटनों में जिसके कारण लचक रहती है इसके कारण घुटने उठने बैठने में मदद करते हैं और उन में लचक बनी रहती है 

जब तक यह घुटनों में अच्छी मात्रा में मौजूद रहता है तब तक व्यक्ति को घुटनों का दर्द नहीं होता लेकिन उम्र बढ़ने के साथ-साथ सायनोवियल की मात्रा कम हो जाती है जैसा कि आप सभी जानते हैं इसके कारण घुटनों का दर्द हो जाता है तो इस केस में आप का दर्द दवाइयों से ही ठीक होगा

 और आप दही का सेवन कर सकते हैं क्योंकि बढ़ती उम्र में कैल्शियम की कमी  हो जाती है जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं 

अगर आप कैल्शियम का सेवन नहीं करेंगे तो आप और भी कमजोर हो जाएंगे इसलिए घुटनों के दर्द में दही का सेवन कर सकते हैं                   

बालों के लिए दही के फायदे

अगर आप दही से अपने बालों को धोते हैं या इसे लगाते हैं तो इससे कोई नुकसान नहीं होता है यह प्राकृतिक है और बहुत से लोग आज भी करते हैं

 लेकिन अगर आप अपने सिर में डैंड्रफ की समस्या है या फिर आपके सिर में कोई और समस्या है इसके लिए आप हेड एंड शोल्डर का यूज कर सकते हैं जो एक अच्छा प्रमाणित शैंपू है जो आपके सिर में होने वाली रूसी को साफ करता है लेकिन अगर आप फिर भी दही को बालों मे लगाते हैं  तो यह आपकी सोच पर निर्भर करता है

चर्म रोगों में दही का सेवन करना चाहिए या नहीं

चर्म रोगों में दही का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि दही खट्टा होता है और खट्टी चीजें खाने से खून में एक विपरीत प्रक्रिया उत्पन्न होती है इस कारण शरीर में गर्मी उत्पन्न होती है और वह खुजली को और अधिक बढ़ा देती है इसलिए आप दही का सेवन चर्म रोगों  में ना ही करें तो ही अच्छा है

पीरियड में दही खाना चाहिए या नहीं

पीरियड आना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसका दही खाने या ना खाने से कोई संबंध नहीं होता है पीरियड के दौरान दही का सेवन किया जा सकता है और अभी तक इसके ऐसे परिणाम नहीं देखने को मिले लेकिन कोई भी चीज अगर आपको नुकसान देती है तो आप उस का सेवन ना करें

प्रेगनेंसी में दही का सेवन करना चाहिए या नहीं

प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में बहुत सारे हार्मोन परिवर्तन होते हैं और यह परिवर्तन सभी में कुछ मात्रा में अलग-अलग होते हैं किसी को कुछ ज्यादा परिवर्तन देखने को शरीर में मिलते हैं और किसी को बहुत कम  

लेकिन दही से  कोई संबंध नहीं होता है दही का सेवन आप अपनी आवश्यकता और इच्छा अनुसार कर सकते हैं लेकिन अगर आपको फंगल  इन्फेक्शन खुजली जैसे समस्या रहती है तो ऐसी स्थिति में दही का सेवन करने से परहेज करना चाहिए

Read in english 

Should curd be eaten in ringworm or not? Have you ever wondered what is the importance of curd, curd is very effective in preventing fungal infection because fungal infection increases in the body when the beneficial bacteria in the body start getting destroyed and due to the harmful bacteria Candida increases its growth very fast. Is 

Due to which the problem of ringworm arises in the person's body and itching occurs in his private part, the person should always consume curd. 

If he has to avoid fungal problem then because if he consumes probiotic food in his daily life then he has very few problems like fungal infection but here we would like to tell one more thing that fungal infection can happen to you even then. Why are we saying this when you consume probiotic food? We are saying this because it is found in the alimentary canal of humans. 

should yogurt be eaten in herpes or not

But there are other species of fungus that can spread ringworm, here it is explained more clearly, see there are many species of fungus that can cause ringworm, so it is absolutely wrong to assume that a person who is taking probiotics One who consumes the food will not get fungal infection because Lactobacillus bacteria inhibit only Candida albicans while the fungus Microsporum, Tychophyton, can also cause it.

 It is mostly seen that the problem of fungal infection in a person occurs mostly only when the number of good bacteria from his body starts decreasing slowly, the fungus, which is also called fungus, gradually takes hold on the body so that

That 's  why a person must consume probiotic food and what is the best and cheapest home remedy for this, a lot of bacteria are found in curd, which are a good source of probiotics. Some people use probiotics food readymade. 

There are many types of products available in the market, after curd, the most mentioned probiotic is kefir. Very few people know it in India and use it very rarely. Actually kefir is also like curd, it is slightly more sour than curd. 

And probiotic foods are found in large quantities in this, probiotic foods mean that they contain a lot of bacteria, which are very helpful for our digestion. 

That's why you must use kefir or curd, whatever you get, there will never be a shortage of good bacteria in your body, the number of good bacteria will always remain inside you, this will keep the fungus under control, so that you will be saved from the problem of fungal infection. 

 benefits of curd in fungal infection 

You will get to read the benefits of curd anywhere on the internet, but we will try to answer the questions related to curd, which generally every person should know because curd is such a substance that you get everywhere and everywhere. It is seen in the house and if you do not know its proper use, then it is not good for you, so you should have a good knowledge about curd.

If you want to understand the benefits of curd well, then you must first understand that curd is made from milk. The difference between curd and milk is that the lactose sugar found in milk is converted into lactic acid by lactobacillus bacteria. Is given

 Because of which the milk becomes sour and it is called curd, but all the nutrients found in it are present, if you know, almost all types of mineral salts are found in milk.

 Except only vitamin C and iron, if we talk about its nutrients, then almost all the main elements like magnesium, calcium, phosphorus are present in it, because calcium is in high quantity in milk, so it is also present in curd, if you consume curd. If you do then you get all these benefits

It is available to those people who know its rule, that is, the right time to eat it and with what it should be eaten and with what not, if you know this too, then you definitely get benefit from curd. 

 The benefits of curd are not only in fungal infection but also in many diseases and in which diseases should be avoided and in which diseases should be eaten, we will tell you through some questions.

can we eat curd with sugar or not

Curd in sugar can be consumed at all, there is no harm in it because sugar is related to sweet ie carbohydrate whereas carbohydrate is not found in curd because the lactose sugar found in it is converted into lactic acid by lactobacillus bacteria. It goes away, so there is no harm in sugar patients by consuming curd.

stone patients can consume curd

Stone patients should avoid consuming curd, we are saying this because stones are made of calcium oxalate and curd contains a lot of calcium, if you consume calcium in excess, it will not reduce your stones and Your stones will increase further, so you should not eat after watching until your stones are cured.

Should high blood pressure patients consume curd?

As far as I think, high blood pressure patients should not consume curd and should also do it, you will find it strange to hear this, but if you understand it a little bit

 You will also get the answer to this. See, consuming curd becomes harmful for high blood pressure patients because 

Because if the curd is sour then it increases your blood pressure ie blood flow because when the amount of acid in the body is high then the opposite process starts in our blood because our blood is whole and not lotus.

 Therefore, when you increase the amount of acidic substance in your body, then a different process starts in your body, which is called the increase of bile, that is, the increase of heat in the body, it is due to high blood pressure only. 

Now let us tell you how consuming curd can be beneficial. If high blood pressure patients have to consume curd, then they should not eat curd in excess, eat only sweet curd, try to eat curd sweet and curd with sugar. Or eat it with jaggery, do not eat it with salt because it destroys the good bacteria found in curd.

Which acid and which bacteria are found in curd?

Lactic acid is found in curd and the name of the bacteria found in it is Lactobacillus bacteria.

what are the benefits of eating curd empty stomach in the morning

If you eat curd on an empty stomach in the morning, its biggest advantage is that it gets digested quickly, the body has to work very little to digest it because it is very soft and thin, but try curd is more sour. don't eat 

Because if you eat more sour curd in the morning on an empty stomach, then it can cause acidity problem, because hydrochloric acid is already present in your stomach and on top of that, if you eat more sour curd, then acidity in the stomach will increase due to which you will have problems. may 

So try that if you eat curd on an empty stomach, then eat little and do not eat too sour.

Dengue patient should consume curd

Dengue fever is a parasitic cause and its carrier is mosquito, which is caused by female Aedes aegypti. It has nothing to do with curd. You can consume curd. Do not eat curd too cold because in dengue fever, your body remains overheated. And if you consume more cold things then it will not be good for your health.

TV patient should eat curd or not

As we are saying from the beginning that good bacteria are found in curd which are very important for the digestion of our body and TV patients consume antibiotics, that is, TV disease is a bacterial infection which is caused by bacteria. is caused by and whose treatment takes a long time

 During this continuous use of antibiotics destroys the good bacteria in the body, due to which the growth of candida starts in the body. Can I have curd?

 If the doctor refuses for this then you should not consume curd. In most of the cases, this one reason for fungal disease is the destruction of bacteria from the body and the growth of Candida, due to which the person becomes easily vulnerable to fungal.

What are the benefits of applying curd on the face

Curd paste is mostly used to keep the face fresh and beautiful and it is very common to massage curd on the face but if you want to keep the face naturally beautiful with curd 

So for that you should try to consume curd because by consuming curd your digestion will be done properly and you will not become constipated inside you, there will be no harmful bacteria inside you which cause pimple acne and such problems.

 You must have seen the ad of Himalaya Anti Fungal, in which it is said that Himalaya Face Wash Antibacterial which removes pimples from your face, so you should consume curd and get rid of the problems of pimples on your pimples.

should curd be eaten in knee pain or not

Whether curd should be eaten in knee pain or not, it is necessary that what is the age of the person, because the age of the person decides the answer whether he should eat curd or not, it is the main cause of knee pain.  

The synovial fluid found in it, you can also call it lubrication, due to which there is flexibility in the knees, due to which the knees help to get up and sit and remain flexible in them. 

As long as it is present in a good amount in the knees, the person does not have knee pain, but with aging, the amount of synovial decreases, as you all know, due to this, knee pain occurs. In case your pain will be cured by medicines only

 And you can consume curd because in old age there is a deficiency of calcium due to which the bones become weak. 

If you do not consume calcium, then you will become even more weak, so you can consume curd in knee pain. 

Should curd be used to treat piles or not? 

 Hemorrhoids is such a disease that if someone gets it, it does not go away quickly. The person who has this disease has to face a lot of problems and they are troubled by it and people who do not have piles disease, such people do not pay much attention. They don't even think that they can't get this disease but piles is such a disease that can happen to any person irrespective of age because the disease doesn't see the face or the age of anyone, when it has to happen then it It happens and the treatment of piles is very important, otherwise it remains in the body for a long time.

Hemorrhoids is a condition of the body in which a person feels difficulty in defecation and there is a lot of pain and blood discharge while defecating. In this, the part of the anus is forgotten and warts are formed there, from which blood comes out. There are two types of hemorrhoids, external and internal. If you have hemorrhoids, you may notice bright red blood on the toilet paper or in the toilet when you have a bowel movement. There may be some itching, discomfort or pain around the anus. Sometimes there may be a noticeable lump that protrudes from the anus. Many people experience no symptoms or very mild symptoms that disappear after a few days. For other people, hemorrhoids are more painful. Hemorrhoids often  bleed a little when you have a bowel movement.

There are medicines which can treat piles in a very good way, apart from this, you can also cure piles with buttermilk, if you do not get sufficient amount of curd, then you can use buttermilk instead of it. You can drink four to five glasses daily. Curd and buttermilk both strengthen the digestive system and are beneficial in piles, but their consumption can also cause some problems. Curd and buttermilk are digested quickly, due to this, urine starts forming in excess in the body, due to which frequent urination has to be done. In piles, it often happens that there is itching around the anus or in the anus, which is caused by consuming curd and buttermilk. Increases even more. Curd is less sour while buttermilk is more sour than curd. And it contains more lactic acid and bacteria than curd. It is sour while buttermilk is more sour than curd. And it contains more lactic acid and bacteria than curd. It is sour while buttermilk is more sour than curd. And it contains more lactic acid and bacteria than curd.

There are many Ayurvedic medicines for this, you must have also seen the ad of medicine in TV, Ved Rishi's Arshakalp and another P6, both these medicines are Ayurvedic which are made to treat piles, so you should not treat it only with curd  and Treat those who are experts and who have made its main medicines.

 If you wash your hair with curd or apply it then it does not cause any harm it is natural and many people still do

 But if you have dandruff problem in your head or any other problem in your head then you can use Head and Shoulders which is a good proven shampoo which clears the dandruff in your head but if you Even if you apply curd to your hair, it depends on your thinking.













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