fangal infekshan in hindi

 फंगल इन्फेक्शन  बहुत ही सामान्य है फंगल इन्फेक्शन एक ऐसा त्वचा रोग जिसने लोगो को काफी परेशान किया। वैसे तो फंगी के द्वारा सबसे आम दाद होता है और इसी को अधिकतर फंगल इंफेक्शन कहा जाता है अगर कोई अमुक व्यक्ति कहता है कि उसे फंगल इन्फेक्शन है तो यहां पर कोई व्यक्ति यही अंदाजा  लगाता है कि दाद की समस्या है। इसके अन्य नाम में हम इसे कवक संक्रमण या फिर फफूंदीय संक्रमण भी कहते हैं कवक हमारे साथ हमेशा मौजूद रहते हैं और हमारे शरीर के अंदर सामान्य रूप से भी पाए जाते हैं और जब यह हमारे शरीर में अधिक मात्रा में हो जाते हैं तो यह कभी-कभी फंगल इन्फेक्शन का कारण बन जाते हैं

 उम्मीद है कि अभी तक आपने फंगल इंफेक्शन का अर्थ अच्छे से समझ जरूर आया होगा और अब हम आपको दाद जिसे फंगल इन्फेक्शन भी कहा जाता है के बारे में बताइए

 फंगल इन्फेक्शन

फंगल इंफेक्शन शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकता है और शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है 

 फंगल इन्फेक्शन वैसे तो कोई बड़ी बीमारी नहीं है लेकिन जब इस बीमारी को गंभीरता से ना लेते हुए लापरवाही की जाती है और इसका इलाज अच्छे से नहीं किया जाता तो फिर यह एक भयंकर धारण कर लेती है फंगल इन्फेक्शन अर्थात कवक संक्रमण दाद के के रूप में शरीर के विभिन्न विभिन्न हिस्सों को प्रभावित करता है शरीर के विभिन्न हिस्सों  पर होने के कारण ही इससे विभिन्न नाम से पुकारा जाता है 

फंगल इंफेक्शन के प्रकार इन हिंदी

एथलीट फुट


  फंगल इन्फेक्शन जब किसी व्यक्ति के पैरों की उंगलियों के बीच में होता है तो इस प्रकार के फंगल इन्फेक्शन को एथलीट फुट या टिनिया पेडिस कहा जाता है जो लोग अधिकतर सारा दिन जूते पहनते हैं और या फिर अधिकतर अपना ज्यादातर समय पानी में बिताते हैं उन लोगों में एथलीट फुट की समस्या ज्यादा देखने को मिलते हैं या फिर जो लोग ज्यादा खुले पैर घूमते रहते हैं
और ऐसे व्यक्ति भी जो अधिकतर भागदौड़ का काम करते हैं और इसीलिए इसे एथलीट फुट जाता है

जॉक इच

इस प्रकार की दाद की समस्या अधिकतर जांघों के बीच में होती है अर्थात प्राइवेट पार्ट में होने वाली फंगल इन्फेक्शन को  कह जाता है इस तरह की दाद की समस्या अधिकतर ऐसे  लोगों में देखने को मिलती है जो बहुत ही तंग कपड़े पहनते हैं और अधिकतर प्राइवेट पार्ट में पसीने के कारण इस तरह की दाद हो जाती है कुछ लोग नहाने  के बाद में बिना शरीर को अच्छे से सुखाये जल्दी जल्दी में कपड़े पहनते हैं और इस कारण शरीर में नमी रह जाती है जिससे  गीले कपड़ों से फंगस हो जाती है  और यह एक फंगल संक्रमण का कारण बनती हैं

 ओनिकोमाइकोसिस या नाखूनों में फंगल इन्फेक्शन

फंगल इंफेक्शन नाखूनों को भी प्रभावित करते हैं और नाखूनों में फंगल इन्फक्शन जब हो जाते हैं तो उससे भी
एक अलग नाम दिया जाता है ओनिकोमाइकोसिस कहा जाता है और अधिकतर इस प्रकार का फंगल इन्फेक्शन बहुत लोगों में देखने को मिलता है इस प्रकार का फंगल इन्फेक्शन टाइकोफाइटन, कवकों प्रजाति से होता है

टीनिया कैपिटिस

जब किसी व्यक्ति को फंगल इन्फेक्शन सिर में होता है तो इस प्रकार के फंगल इन्फेक्शन को टीनिया कैपिटिस बोला जाता है इसमें व्यक्ति के से सिर से बाल झड़ जाते हैं और व्यक्ति गंजा हो जाता है और इससे गंजेपन की समस्या भी हो जाती हैं

तो यह थे फंगल इंफेक्शन के प्रकार जो अलग अलग नाम से जाने जाते हैं मगर यह सभी  दाद ही हैं

फंगल इन्फेक्शन के लक्षण क्या है

फंगल इंफेक्शन का सबसे बड़ा लक्षण यह है कि यह गोल गोल सा दिखाई देता है और उसमें लालिमा भी होती है। अर्थात अगर किसी व्यक्ति को फंगल इन्फेक्शन है और  उसमें खुजली होती है तो उसे हम फंगल इन्फेक्शन कह सकते हैं दाद में एग्जिमा सोरायसिस से कम  खुजली होती है एग्जिमा सोरायसिस में लगातार खुजली होती रहती है लेकिन फंगल इन्फेक्शन में थोड़ी कम खुजली होती है और यह गोल रूप में ही आगे बढ़ता हैं और इसीलिए इसे रिंगवर्म भी बोला जाता है और अगर  किसी व्यक्ति के शरीर पर तेज खुजली होती है और वह त्वचा रोग गोल रूप में  आगे नहीं बढ़ता तो  हो सकता है कि वह फंगल इन्फेक्शन ना हो ऐसे में वह एग्जिमा या सोरायसिस  रोग हो सकता है

फंगल इन्फेक्शन का इलाज

फंगल इन्फेक्शन का इलाज क्या है और इसका इलाज कैसे किया जाए तो इसका इलाज व्यक्ति पर निर्भर करता है इसका इलाज दो तरीके से किया जाता है एक व्यक्ति खुद से इसका इलाज करें और दूसरा किसी चिकित्सक से अपना इलाज कराएं  फंगल इन्फेक्शन को अगर व्यक्ति अच्छे से इसके बारे में जानता है और अच्छे से इसका परहेज करता है और कुछ क्रीम का प्रयोग करता है तो फंगल इन्फेक्शन का इलाज  खुद ही कर सकता है लेकिन अगर वह इसके बारे में कुछ भी नहीं जानता और उसे इसका बिल्कुल भी ज्ञान नहीं तो वह डॉक्टर की सलाह से इसका इलाज कर सकते हैं तो यह  व्यक्ति की अपनी खुद की समझ है कि वह  इसका इलाज कैसे करना चाहता है 
अगर कोई खुद से इलाज करना चाहता है तो उसके लिए कुछ क्रीम आपको बाजार में मिल जाते हैं अगर आप उनका प्रयोग करते हैं तो फंगल इनफेक्शन ठीक हो सकता है इलाज करते समय एक बात का विशेष ध्यान रखें के स्टेरॉइड क्रीम का प्रयोग ना करें और अगर करना भी हो तो अल्प समय के लिए ही प्रयोग करें

 फंगल इनफेक्शन के घरेलू उपाय

फंगल इन्फेक्शन का इलाज खुद से किया जाए इसके लिए चाहिए घर पर एक नारियल का तेल जरूर रखें और इसे दिन में तीन से चार बार फंगल इनफेक्शन पर लगाते रहेंगे इससे फंगल इन्फेक्शन में खुजली नहीं होगी और फंगल इंफेक्शन भी ठीक हो जाएगा यह सबसे बढ़िया कारगर उपाय हैं घरेलू उपचार का लेकिन इसके साथ 
अगर रोग ठीक नहीं होता तो कुछ क्रीम का भी प्रयोग करना चाहिए

फंगल इनफेक्शन का होम्योपैथिक उपचार

फंगल इंफेक्शन का होम्योपैथिक उपचार आपको दर्जनों दवाई होम्योपैथी में मिल जाएंगी जो फंगल इन्फेक्शन को ठीक कर देगी लेकिन आप सभी का यूज मत करें आप एक बढ़िया सी कोई मेडिसिन ले सकते हैं जो फंगल इन्फेक्शन में ठीक-ठाक काम कर देगी इसके लिए जो बेस्ट मेडिसिन आती है वह है टेल्यूरियम।
 
टेल्लूरियम आपको 30 पावर में लेनी होगी और इस दवा की सुबह, शाम, दोपहर को  4 से 5 बूंद आधा कप पानी में डालकर खाना खाने से पहले खाली पेट लेनी होगी और दवा को आपको लगभग 2 से 3 सप्ताह लेना होगा
इससे आपका फंगल इन्फेक्शन समाप्त हो जाएगा 

फंगल इन्फेक्शन का अंग्रेजी उपचार

फंगल इंफेक्शन का अंग्रेजी उपचार  जरूरी होता है क्योंकि अगर होम्योपैथिक दवाएं और घरेलू उपचार काम नहीं करते तो इस कंडीशन में अंग्रेजों के उपचार किया जाता है अगर फंगल इन्फेक्शन बिल्कुल नया है और अभी 2 से 4 दिन का ही हुआ है तो इस कंडीशन में आप रिंग गार्ड क्रीम का यूज कर सकते हैं  5 से 7 दिन में ही आपके फंगल इन्फेक्शन को बिल्कुल साफ कर देता है रिंग गार्ड क्रीम एक एंटी बैक्टीरियल एंटी फंगल क्रीम है जो त्वचा में होने वाली खुजली और फंगल इंफेक्शन को ठीक करती हैं