फंगल इन्फेक्शन में दही खाना चाहिए या नहीं

  क्या आपने सोचा है कभी दही का क्या महत्व है दही फंगल इंफेक्शन को रोकने में बहुत कारगर होती है क्योंकि फंगल इन्फेक्शन शरीर में तब वृद्धि करता है जब शरीर मैं लाभदायक जीवाणु नष्ट होने लगते हैं  और हानिकारक बैक्टीरिया के कारण कैंडिडा अपनी वृद्धि बहुत तेजी से करता है जिसके कारण व्यक्ति के शरीर मे दाद की समस्या उत्पन्न हो जाती है और उसके प्राइवेट पार्ट में खुजली उत्पन्न हो जाती है दही का सेवन व्यक्ति को हमेशा करना चाहिए अगर उसे फंगल  की समस्या से बचना है  तो क्योंकि अगर वह अपने दैनिक जीवन में प्रोबायोटिक फूड का सेवन करता है तो उसे फंगल इन्फेक्शन जैसी समस्याएं बहुत ही कम होती हैं लेकिन यहां पर हम एक बात और बताना चाहेंगे फंगल इन्फेक्शन आपको तब भी हो सकता है जब आप प्रोबायोटिक फूड का सेवन करते हैं हम ऐसा क्यों कह रहे हैं हम ऐसा इसलिए  कह रह हैं क्योंकि यह मनुष्य की आहार नाल मे पाया जाता है 

दही के खानेेे  फायदे जो  बचाए फंगल इन्फेक्शन से 

 लेकिन फंगस की और भी प्रजातियां होती हैं जो दाद को फैला सकते हैं यहां पर इस बात को और अच्छे से समझाते हैं देखिए कवक की बहुत सारी प्रजाति होती है  जो दाद का कारण बन  सकते हैं इसलिए यह मान लेना बिल्कुल गलत है  कि जो व्यक्ति प्रोबायोटिक फूड का सेवन करता है उसे फंगल इन्फेक्शन नहीं होगा क्योंकि लैक्टोबेसिलस जीवाणु सिर्फ कैंडिडा अलबिकंस को रोकता है जबकि फंगस  माइक्रोस्पोरम, टाइकोफाइटन, से भी हो सकता है अधिकतर देखा गया है कि व्यक्ति में फंगल संक्रमण की समस्या अधिकतर तभी होती है जब उसके शरीर से अच्छे बैक्टीरिया की संख्या धीरे-धीरे कम होने लगती है कवक जिसे फंगस  भी कहा जाता है शरीर पर धीरे-धीरे अपनी पकड़ बना लेता है इसलिए व्यक्ति को प्रोबायोटिक फूड का सेवन जरूर करना चाहिए और इसके लिए सबसे बढ़िया और सस्ता घरेलू उपाय क्या है वह है दही में बहुत मात्रा में बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो प्रोबायोटिक्स का एक अच्छा स्रोत हैं कुछ लोग प्रोबायोटिक्स फूड रेडीमेड  इस्तेमाल करते हैं 

बाजार में बहुत प्रकार के प्रोडक्ट मिलते हैं दही के बाद जिस प्रोबायोटिक  का सबसे ज्यादा जिक्र आता है उसका नाम है केफिर । इंडिया में इसको बहुत ही कम लोग जानते हैं और बहुत ही कम यूज करते हैं दरअसल केफिर भी दही की तरह ही होता है  यह दही से कुछ थोड़ा ज्यादा खट्टा होता है और इसमें प्रोबायोटिक फूड बहुत ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं  प्रोबायोटिक फूड का मतलब इनमें बहुत मात्रा में बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो हमारे पाचन के लिए बहुत मददगार होते हैं इसलिए आपको  केफिर या दही जो भी मिले उसका इस्तेमाल जरूर करना चाहिए इससे आपके शरीर में कभी भी  अच्छे बैक्टीरिया की कमी नहीं होगी आपके अंदर अच्छे जीवाणुओं की संख्या हमेशा बनी रहेगी इससे फंगस नियंत्रण में  रहेंगे जिससे आप फंगल इंफेक्शन की समस्या से बहुत बचे रहेंगे 

जाने दही खाने के फायदे और बचेें फंगल इन्फेक्शन से

एक बात और दही के फायदे तो आपको इंटरनेट पर कहीं भी पढ़ने को मिल जाएंगे लेकिन हम आपको दही से संबंध जो सवाल पूछे जाते हैं उनके जवाब देने की कोशिश करेंगे जो आमतौर पर हर व्यक्ति को जाना चाहिए क्योंकि दही एक ऐसा पदार्थ है जो आपको हर जगह और हर घर में देखने को मिलता है और इसका सही से इस्तेमाल अगर आप नहीं जानते तो यह आपके लिए ठीक नहीं  इसलिए आपको दही के बारे में अच्छे से जानकारी होनी चाहिए

अगर आप दही के फायदे अच्छे से समझना चाहते हैं तो आप पहले यह समझ लीजिए कि दही दूध से बनता है दही और दूध में अंतर मात्रा यह होता है कि दुध,में जो लैक्टोज शर्करा पाई जाती है वह लैक्टोबैसिलस जीवाणु के द्वारा  लैक्टिक अम्ल में बदल दी जाती है जिसके कारण दूध खट्टा हो जाता है और वही दही कहलाता है लेकिन उस में पाए जाने वाले सभी पोषक तत्व मौजूद रहते हैं अगर आप जानते होंगे दूध में लगभग सभी प्रकार के खनिज लवण पाए जाते हैं

 सिर्फ विटामिन सी और आयरन को छोड़कर अगर उसके पोषक तत्वों की बात करें तो उसमें लगभग मैग्निशियम कैलशियम फास्फोरस इस तरह के सभी मुख्य तत्व उपस्थित होते हैं क्योंकि दूध में कैल्शियम ज्यादा मात्रा में होता है इसलिए  दही में  भी मौजूद रहता है अगर आप दही का सेवन करते हैं तो आपको यह सभी बेनिफिट्स मिल जाते हैं उन लोगों को मिलते हैं जिन्हें इसके नियम का पता होता है अर्थात इसके खाने का सही समय और किस चीज के साथ खाना चाहिए और किस चीज के साथ नहीं यह भी अगर पता हो तो दही से फायदा जरूर मिलता है 

 दही के फायदे सिर्फ फंगल इन्फेक्शन में नहीं और भी बीमारियों में बहुत हैं और किन बीमारियों में परहेज करना चाहिए और किन बीमारी में खाना चाहिए हम कुछ सवालों के माध्यम से आपको बताएंगे

शुगर में दही का सेवन कर सकते हैं या नहीं

शुगर में दही का सेवन बिलकुल किया जा सकता है इससे कोई हानि नहीं है क्योंकि शुगर का संबंध मीठे से अर्थात कार्बोहाइड्रेट से होता है जबकि दही में कार्बोहाइड्रेट नहीं पाया जाता क्योंकि उस में पाई जाने वाली लैक्टोज शर्करा लैक्टोबेसिलस जीवाणु के द्वारा लैक्टिक अम्ल में बदल दी जाती है इसलिए शुगर के मरीजों को दही का सेवन करने से कोई हानि नहीं होती

पथरी के मरीज दही का सेवन कर सकते हैं

पथरी के मरीजों को दही का सेवन करने से बचना चाहिए हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पथरी कैल्शियम ऑक्सलेट से बनता है और दही में भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है अगर आप अधिक मात्रा में कैल्शियम का सेवन करेंगे तो इससे आपकी पथरी कम नहीं होगी और आपके पथरी और बढ़ेगी इसलिए आपको देखकर सेवन नहीं करना चाहिए जब तक आप की पथरी ठीक ना हो

क्या हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को दही का सेवन करना चाहिए

जहां तक मुझे लगता है हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को दही का सेवन  नहीं करना चाहिए और करना भी चाहिए यह बात थोड़ी सुनकर आपको अजीब लगेगा लेकिन अगर आप इसे थोड़ा ठीक से समझेंगे तो आपको इसका उत्तर भी मिलेगा। देखिए दही का सेवन करना हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए हानिकारक इसलिए हो जाता है क्योंकि दही अगर खट्टा है तो आपके ब्लड प्रेशर को अर्थात रक्त प्रवाह को बढ़ा देता है क्योंकि जब शरीर में एसिड की मात्रा ज्यादा होती है तो हमारे खून में विपरीत प्रक्रिया शुरू होती हैं क्योंकि हमारा रक्त सारी होता है ना कि कमली है इसलिए जब आप अपने शरीर में अधिक मात्रा में अम्लीय पदार्थ की वृद्धि करते हैं तो उससे आपके शरीर में एक अलग ही प्रक्रिया शुरू हो जाती है जिसस पित्त का बढ़ना बोलते हैं अर्थात शरीर में गर्मी का बढ़ जाना यह हाई ब्लड प्रेशर के कारण ही होता है अब हम बताते हैं कि दही का सेवन करना लाभदायक कैसे हो सकता है अगर हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को दही का सेवन करना है तो उन्हें चाहिए कि दही को अधिक ना खाएं दही को मीठा ही खाएं दही मीठा खाने की कोशिश करें और दही को शक्कर या गुड़ के साथ ही खाएं नमक के साथ ना खाएं क्योंकि इससे दही में पाए जाने वाले अच्छे जीवाणुओं नष्ट हो जाते हैं

दही में कौन सा अम्ल और कौन सा बैक्टीरिया पाया जाता है

दही में लैक्टिक अम्ल पाया जाता है और इसमें पाए जाने वाले जीवाणु का नाम लैक्टोबैसिलस जीवाणु है

सुबह खाली पेट दही खाने के फायदे क्या है

अगर आप सुबह खाली पेट दही खाते हैं तो इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि यह जल्दी से पच जाता है इसे पचाने के लिए शरीर को बहुत कम  परिश्रम  करना पड़ता है क्योंकि यह बहुत ही मुलायम और पतला होता है लेकिन कोशिश करें दही ज्यादा खट्टा ना खाएं क्योंकि अगर ज्यादा खट्टा दही  आप खाली पेट सुबह में खाएंगे तो इससे एसिडिटी की समस्या हो सकती है ऐसा इसलिए क्योंकि आपके पेट में पहले से ही हाइड्रोक्लोरिक अम्ल उपस्थित होता है और ऊपर से आप ज्यादा खट्टा दही खाएंगे तो पेट में एसिडिटी बढ़ेगी जिससे आपको समस्या हो सकती है इसलिए कोशिश करें कि खाली पेट अगर आप दही खाते हैं तो थोड़ा खाएं और ज्यादा खट्टा ना खाएं

डेंगू के मरीज को दही सेवन करना चाहिए

डेंगू बुखार होना एक परजीवी कारण है और जिसका वाहक मच्छर होता है जो मादा एडिस एडजिपटी के कारण होता है इससे दही का कोई लेना देना नहीं होता आप दही का सेवन कर सकते हैं दही ज्यादा ठंडा ना खाएं क्योंकि डेंगू ज्वर में आपको शरीर अधिक गर्म रहता है और अगर आप अधिक ठंडी चीजों का सेवन करें तो आपके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होगा

टीवी के मरीज को दही खाना चाहिए या नहीं

जैसा कि हम शुरू से कह रहे हैं कि दही में अच्छे बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के पाचन के लिए बहुत जरूरी होते हैं और टीवी के मरीज एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करते हैं अर्थात टीवी की बीमारी एक बैक्टीरियल इनफेक्शन होती है जो कि जीवाणु के द्वारा होती है और जिसका इलाज लंबा चलता है इस दौरान लगातार एंटीबायोटिक दवाओं का प्रयोग करने से शरीर में अच्छे जीवाणु भी नष्ट होने लगते हैं इसके कारण शरीर में कैंडीडा की वृद्धि होने लगती है इसके लिए सबसे बढ़िया तरीका यह है कि जब भी आप किसी डॉक्टर से अपना इलाज  कराएं  उनसे एक बार पूछ ले क्या मैं दही का सेवन कर सकता हूँ । अगर डॉक्टर इसके लिए मना करते हैं तो आपको दही का सेवन नहीं करना चाहिए  ज्यादातर मामलों में फंगस की बीमारी का यही एक कारण होता है कि शरीर से बैक्टीरिया का नष्ट हो जाना और कैंडिडा की वृद्धि जिससे व्यक्ति फंगल की चपेट में आसानी से आ जाते हैं

दही को चेहरे पर लगाने के फायदे क्या है

दही का पेस्ट अधिकतर चेहरे को तरोताजा और सुंदर रखने के लिए किया जाता है और यह बहुत आम बात है दही का मसाज करना चेहरे पर लेकिन अगर आप चेहरे को प्राकृतिक रूप से दही से सुंदर रखना चाहते हैं तो उसके लिए आपको कोशिश करनी चाहिए कि दही का सेवन किया जाए क्योंकि दही का सेवन करने से आपका पाचन ठीक से होगा और आपके अंदर कब्ज नहीं बनेगी आपके अंदर हानिकारक जीवाणु नहीं रहेंगे जो कि पिंपल एक्ने और इस तरह की समस्या का कारण बनते हैं आपने हिमालय एंटी फंगल का ऐड तो जरूर देखा होगा जिसमें कहा जाता है कि हिमालय फेस वॉश एंटीबैक्टीरियल जो आपके चेहरे से कील मुंहासे हटा देता है तो इसलिए आप दही का सेवन करें और अपने कील मुंहासे के समस्याओं से निजात पाएं

घुटनों के दर्द में दही खाना चाहिए या नहीं

घुटनों के दर्द में दही खाना चाहिए या नहीं इसके लिए यह चाहिए के व्यक्ति की उम्र क्या है क्योंकि व्यक्ति की उम्र उत्तर तय करती है कि उसे दही खाना चाहिए या नहीं खाना चाहिए घुटनों का दर्द का मुख्य कारण होता है  उस में पाए जाने वाला सायनोवियल तरल पदार्थ आप इसे चिकनाई भी कह सकते हैं कि घुटनों में जिसके कारण लचक रहती है इसके कारण घुटने उठने बैठने में मदद करते हैं और उन में लचक बनी रहती है जब तक यह घुटनों में अच्छी मात्रा में मौजूद रहता है तब तक व्यक्ति को घुटनों का दर्द नहीं होता लेकिन उम्र बढ़ने के साथ-साथ सायनोवियल की मात्रा कम हो जाती है जैसा कि आप सभी जानते हैं इसके कारण घुटनों का दर्द हो जाता है तो इस केस में आप का दर्द दवाइयों से ही ठीक होगा और आप दही का सेवन कर सकते हैं क्योंकि बढ़ती उम्र में कैल्शियम की कमी  हो जाती है जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं अगर आप कैल्शियम का सेवन नहीं करेंगे तो आप और भी कमजोर हो जाएंगे इसलिए घुटनों के दर्द में दही का सेवन कर सकते हैं 

दही से बवासीर का इलाज करना चाहिए या नहीं

तो इसका उत्तर मैं कहना चाहूंगा कि नहीं देखिए जब आपके पास आयुर्वेदिक होम्योपैथिक और एलोपैथिक दवाइयां हैं जो बवासीर का इलाज बहुत अच्छे तरीके से कर सकते हैं तो आप दही से बवासीर का इलाज क्यों करना चाहते हैं इसके लिए आयुर्वेदिक  दवा है आपने  टीवी में दवाई का ऐड भी देखा होगा वेद ऋषि का अर्शकल्प और दूसरा P6 यह दोनों ही दवाई आयुर्वेदिक है जो बवासीर का इलाज करने के लिए बनाई गई है इसलिए आप दही से इसका इलाज ना करें और जो विशेषज्ञ हैं और जो इसकी मुख्य दवाइयां  बनाई गई हैं आप उनसे इलाज करें

दही को बालों में लगाने के नुकसान

दही को बालों में लगाने का कोई नुकसान नहीं होता है अगर आप दही से अपने बालों को धोते हैं या इसे लगाते हैं तो इससे कोई नुकसान नहीं होता है यह प्राकृतिक है और बहुत से लोग आज भी करते हैं लेकिन अगर आप अपने सिर में डैंड्रफ की समस्या है या फिर आपके सिर में कोई और समस्या है इसके लिए आप हेड एंड शोल्डर का यूज कर सकते हैं जो एक अच्छा प्रमाणित शैंपू है जो आपके सिर में होने वाली रूसी को साफ करता है लेकिन अगर आप फिर भी दही को बालों मे लगाते हैं  तो यह आपकी सोच पर निर्भर करता है

चर्म रोगों में दही का सेवन करना चाहिए या नहीं

चर्म रोगों में दही का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि दही खट्टा होता है और खट्टी चीजें खाने से खून में एक विपरीत प्रक्रिया उत्पन्न होती है इस कारण शरीर में गर्मी उत्पन्न होती है और वह खुजली को और अधिक बढ़ा देती है इसलिए आप दही का सेवन चर्म रोगों  में ना ही करें तो ही अच्छा है

पीरियड में दही खाना चाहिए या नहीं

पीरियड आना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसका दही खाने या ना खाने से कोई संबंध नहीं होता है पीरियड के दौरान दही का सेवन किया जा सकता है और अभी तक इसके ऐसे परिणाम नहीं देखने को मिले लेकिन कोई भी चीज अगर आपको नुकसान देती है तो आप उस का सेवन ना करें

प्रेगनेंसी में दही का सेवन करना चाहिए या नहीं

प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में बहुत सारे हार्मोन परिवर्तन होते हैं और यह परिवर्तन सभी में कुछ मात्रा में अलग-अलग होते हैं किसी को कुछ ज्यादा परिवर्तन देखने को शरीर में मिलते हैं और किसी को बहुत कम करना लेकिन दही से  कोई संबंध नहीं होता है दही का सेवन आप अपनी आवश्यकता और इच्छा अनुसार कर सकते हैं लेकिन अगर आपको फंगल  इन्फेक्शन खुजली जैसे समस्या रहती है तो ऐसी स्थिति में दही का सेवन करने से परहेज करना चाहिए